न्यायमूर्ति शर्मा के खिलाफ तीखा ऑनलाइन अभियान चला रहे हैं केजरीवाल : सीबीआई ने अदालत को बताया

न्यायमूर्ति शर्मा के खिलाफ तीखा ऑनलाइन अभियान चला रहे हैं केजरीवाल : सीबीआई ने अदालत को बताया

न्यायमूर्ति शर्मा के खिलाफ तीखा ऑनलाइन अभियान चला रहे हैं केजरीवाल : सीबीआई ने अदालत को बताया
Modified Date: April 16, 2026 / 09:20 pm IST
Published Date: April 16, 2026 9:20 pm IST

नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा के “हितों के सीधे टकराव” वाले अरविंद केजरीवाल के दावे के जवाब में सीबीआई ने बृहस्पतिवार को कहा कि न्यायाधीश के खिलाफ एक सुनियोजित और कटु ऑनलाइन अभियान चलाया जा रहा है।

सीबीआई ने कहा कि उन पर दबाव डालने के लिए सोशल मीडिया पर आम आदमी पार्टी के प्रमुख और अन्य लोगों की ओर से चुनिंदा और अपमानजनक जानकारी फैलाई जा रही है।

अपनी लिखित दलीलों में, एजेंसी ने कहा कि न्यायाधीश के बच्चों को दिए गए सरकारी पैनल के काम के संबंध में “मनगढ़ंत आरोपों” वाली गलत सूचना सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही है।

न्यायपालिका के व्यापक हित में ऐसी “अपवित्र, अस्वस्थ और अराजकतावादी प्रथाओं” को जड़ से खत्म करने की मांग करते हुए, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कहा कि “सुनियोजित सोशल मीडिया अभियान” के बाद न्यायमूर्ति शर्मा का खुद को इस मामले से अलग करना एक बहुत ही गलत मिसाल कायम करेगा।

इससे पहले दिन में, न्यायमूर्ति शर्मा ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री के अतिरिक्त हलफनामे को रिकॉर्ड में लेने की अनुमति दे दी, जब उन्होंने इस मामले को उल्लेख करने के लिए न्यायाधीश के समक्ष डिजिटल माध्यम से पेश होकर हितों के टकराव के मुद्दे का हवाला दिया।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सीबीआई जवाब में अपनी लिखित दलीलें पेश करेगी।

केजरीवाल ने दिल्ली शराब नीति मामले में अपनी रिहाई के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर सुनवाई कर रहीं न्यायाधीश के खिलाफ कई आपत्तियां उठाई हैं, जिनमें यह भी शामिल है कि उन्होंने पहले उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया था, मनीष सिसोदिया और के. कविता सहित अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर राहत देने से इनकार कर दिया था, और साथ ही “मजबूत और निर्णायक” निष्कर्ष भी दिए थे।

भाषा प्रशांत पवनेश

पवनेश


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