केरल का बजट अधूरे वादों से भरा है, अर्थव्यवस्था संकट में है: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष

केरल का बजट अधूरे वादों से भरा है, अर्थव्यवस्था संकट में है: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष

केरल का बजट अधूरे वादों से भरा है, अर्थव्यवस्था संकट में है: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
Modified Date: January 31, 2026 / 03:57 pm IST
Published Date: January 31, 2026 3:57 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 31 जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने शनिवार को आरोप लगाया कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार का बजट उन वादों से भरा हुआ है जो सत्ता में एक दशक बीत जाने के बाद भी पूरे नहीं हुए हैं।

चंद्रशेखर ने यहां पत्रकारों से कहा कि पिनराई विजयन के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा पेश किया गया बजट सत्ता में आने के समय जनता से किए गए वादों के अनुरूप नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में एलडीएफ सरकार का बजट केंद्र में पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के आखिरी बजट के समान है। इसमें केवल वादे हैं, पिछले 10 वर्षों में कोई वास्तविक उपलब्धि नहीं है। लोगों को यह सवाल पूछना चाहिए कि इस अवधि में कुछ क्यों नहीं किया गया।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि बजट का उद्देश्य जनता को गुमराह करना है।

चंद्रशेखर ने दावा किया कि केरल को राजस्व के रूप में मिलने वाले प्रत्येक 100 रुपये में से 92 रुपये ऋण चुकाने और पेंशन पर खर्च हो जाते हैं, जिससे विकास के लिए केवल आठ प्रतिशत ही बचता है। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य की यही स्थिति है’’ और आरोप लगाया कि केरल की अर्थव्यवस्था एक ‘‘पोंजी योजना’’ में तब्दील हो गई है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘एक परियोजना के लिए आवंटित धनराशि को दूसरी परियोजना में स्थानांतरित कर दिया जाता है।’’

भाजपा नेता ने दावा किया कि अर्थव्यवस्था ‘‘नष्ट हो रही है’’ क्योंकि बजट में रोजगार, मुद्रास्फीति, स्वास्थ्य या शिक्षा जैसे मुद्दों का पर्याप्त रूप से समाधान नहीं किया गया है।

चंद्रशेखर ने कहा कि राज्य सरकार इसे एक उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है कि उसके कार्यकाल के दौरान केरल का कर्ज दोगुना नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस सरकार ने 3.5 करोड़ लोगों पर 5.5 लाख करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ लाद दिया है। इसे कौन चुकाएगा और कैसे? यह कर्ज आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित करेगा।’’

चंद्रशेखर ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह निधि आवंटन में कथित देरी के लिए केंद्र को दोषी ठहराकर लोगों को गुमराह कर रही है।

भाषा सुरभि नेत्रपाल

नेत्रपाल


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