केरल सरकार ने युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमले के मामले की पुन: जांच के लिए एसआईटी का गठन किया
केरल सरकार ने युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमले के मामले की पुन: जांच के लिए एसआईटी का गठन किया
तिरुवनंतपुरम, 19 मई (भाषा) केरल में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार ने 2023 में अलप्पुझा में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के बंदूकधारियों द्वारा युवा कांग्रेस के दो कार्यकर्ताओं पर कथित हमले से संबंधित मामले की पुन: जांच के लिए मंगलवार को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।
एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि सात सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक ए पी शौकत अली कर रहे हैं।
सूत्र ने बताया कि राज्य पुलिस प्रमुख ने एसआईटी को मामले की पुन: जांच पूरी करने और एक महीने के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
यह कदम मुख्यमंत्री वी डी सतीशन की अध्यक्षता में हुई राज्य की पहली कैबिनेट बैठक के एक दिन बाद उठाया गया, जिसमें विजयन के नेतृत्व वाली कैबिनेट की अलप्पुझा में हुई नव केरल यात्रा के दौरान हुई घटना की फिर से जांच का आदेश देने का निर्णय लिया गया।
नौ अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में अलप्पुझा सीट से विजेता रहे ए डी थॉमस उन युवा कांग्रेस नेताओं में शामिल थे, जो बंदूकधारियों के कथित हमले में घायल हुए थे।
सतीशन ने सोमवार को मंत्रिमंडल की अध्यक्षता करने के बाद संवाददाताओं से कहा कि जब यह मामला अदालत के समक्ष आया, तो उसने अभियोजन पक्ष की दलीलों को खारिज कर दिया और फिर से जांच का आदेश दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत के आदेश के बावजूद, पिछली सरकार एक साल से अधिक समय तक इस पर कोई कार्रवाई करने में विफल रही।
उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से, पिछले डेढ़ साल से सरकार ने फिर से जांच कराने का आदेश जारी नहीं किया था। इसलिए मंत्रिमंडल की पहली बैठक में अदालत द्वारा दिए गए आदेश पर पुनः जांच करने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का निर्णय लिया गया।’
जब मुख्यमंत्री से पूछा गया कि क्या यह राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है, तो उन्होंने कहा कि सरकार केवल अदालत के निर्देश का पालन कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘लेकिन हम कुछ भी नहीं भूलते।’
इस कथित घटना के बाद उस समय विधानसभा के अंदर और बाहर कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था और तत्कालीन मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाली सरकार पर जनता की आवाज को दबाने का आरोप लगाया था।
भाषा राखी दिलीप
दिलीप

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