फीफा विश्व कप 2026 के मैचों के निशुल्क सार्वजनिक प्रसारण की कोशिश में केरल सरकार
फीफा विश्व कप 2026 के मैचों के निशुल्क सार्वजनिक प्रसारण की कोशिश में केरल सरकार
तिरुवनंतपुरम, 22 जून (भाषा) केरल के मंत्री ओ. जे. जनीश ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार अधिकार धारकों के साथ बातचीत कर रही है ताकि फीफा विश्व कप 2026 के मैचों का गैर-व्यावसायिक सार्वजनिक प्रसारण बिना लाइसेंस शुल्क के किया जा सके।
विधानसभा में विधायक पी. ए. मोहम्मद रियास द्वारा उठाए गए विषय पर जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि ऐसी आशंकाएं व्यक्त की गई हैं कि स्थानीय क्लबों, निवासी संघों और सामुदायिक संगठनों को विश्व कप मैचों के सार्वजनिक प्रसारण के लिए भारी लाइसेंस शुल्क देना पड़ सकता है।
खेल एवं युवा मामलों के मंत्री ने बताया कि भारत में फीफा विश्व कप -2026 के प्रसारण और लाइव स्ट्रीमिंग अधिकार जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड के पास हैं, जबकि डिजिटल स्ट्रीमिंग अधिकार उसके सहयोगी मंच ‘जी5’ के पास हैं।
उन्होंने कहा कि केरल में सार्वजनिक प्रसारण के अधिकार ‘ईगल्स एफसी केरल’ ने हासिल किए हैं।
मंत्री ने कहा, ‘‘अधिकार धारकों के बीच हुए समझौते में राज्य सरकार शामिल नहीं है। हालांकि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि फुटबॉल प्रेमियों को मैचों का सार्वजनिक प्रसारण आयोजित करने से रोका न जाए।’’
उन्होंने कहा कि सरकार शॉपिंग मॉल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा आयोजित व्यावसायिक प्रसारण तथा स्थानीय क्लबों एवं सामुदायिक समूहों द्वारा बिना प्रवेश शुल्क लिए आयोजित गैर-व्यावसायिक प्रसारण को अलग दृष्टि से देखती है।
मंत्री ने कहा कि जैसे ही यह मामला सरकार के संज्ञान में आया, खेल विभाग के सचिव को संबंधित पक्षों के साथ चर्चा करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा, ‘‘बातचीत सकारात्मक रही है और अधिकार धारकों की प्रतिक्रिया भी उत्साहजनक है। जल्द ही इस संबंध में निर्णय होने की उम्मीद है। फुटबॉल प्रशंसकों को निराश होने की आवश्यकता नहीं है।’’
मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर सकारात्मक रुख अपना रही है और आवश्यक अनुमति के अधीन सार्वजनिक प्रसारण को सुगम बनाने के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे।
इससे पहले यह मुद्दा उठाते हुए रियास ने आरोप लगाया कि विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय क्लबों, फुटबॉल प्रशंसक समूहों और सामुदायिक संगठनों से विश्व कप मैचों का सार्वजनिक प्रसारण करने के लिए लाइसेंस लेने और भारी शुल्क चुकाने को कहा जा रहा है।
उन्होंने इसे ‘कॉरपोरेट रणनीति’ करार देते हुए कहा कि इससे आम फुटबॉल प्रेमियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने सरकार से स्थानीय सामुदायिक समूहों द्वारा आयोजित गैर-व्यावसायिक सार्वजनिक प्रसारण को शुल्क से छूट दिलाने की मांग की।
केरल को देश में फुटबॉल के प्रमुख केंद्रों में से एक माना जाता है। विश्व कप के प्रत्येक संस्करण के दौरान राज्यभर में आयोजित सार्वजनिक प्रसारण कार्यक्रमों में हजारों फुटबॉल प्रेमी शामिल होते हैं।
भाषा रवि कांत रवि कांत माधव
माधव

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