केरल: पुलिस ने करीब 2,000 अवैध लोन ऐप और 5,000 फर्जी वेबसाइटों पर रोक लगाई
केरल: पुलिस ने करीब 2,000 अवैध लोन ऐप और 5,000 फर्जी वेबसाइटों पर रोक लगाई
तिरुवनंतपुरम, 30 जून (भाषा) केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मंगलवार को कहा कि पुलिस साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है और इसके तहत करीब 2,000 अवैध लोन ऐप व 5,000 से अधिक फर्जी वेबसाइटों पर रोक लगाई गयी है।
चेन्निथला ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और साइबर अपराध से निपटने तथा उसकी रोकथाम के लिए बदलते समय के अनुरूप एक व्यापक परियोजना तैयार की जा रही है।
मंत्री, कांग्रेस विधायक अबिन वार्की द्वारा उठाए गए मुद्दे का जवाब दे रहे थे।
वार्की ने कहा था कि केरल में साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है तथा इस तरह के अपराधों के मामले में राज्य देश में तीसरे स्थान पर है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष राज्य में साइबर अपराध के 42,000 से अधिक मामले सामने आए जिससे 814 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।
विधायक ने कहा कि इसमें से लगभग आधी राशि ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से ठगी गई।
चेन्निथला ने इस मुद्दे पर जवाब देते हुए स्वीकार किया कि राज्य में साइबर अपराध व्यापक स्तर पर फैल चुका है और प्रत्येक जिले से 1,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने साथ ही कहा कि केरल पुलिस पीड़ितों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी और भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 के तहत मामले दर्ज कर कड़ी कार्रवाई कर रही है।
मंत्री ने कहा कि इसके अलावा साइबर धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल की जा रही फर्जी वेबसाइटों और अनधिकृत लोन ऐप पर भी रोक लगाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक की बिना मंजूरी वाले 1,836 लोन ऐप और वित्तीय धोखाधड़ी में इस्तेमाल की जा रही 5,000 से अधिक वेबसाइटों पर पुलिस ने रोक लगा दी है।
चेन्निथला ने कहा कि इसके साथ ही साइबर पैट्रोलिंग भी की जा रही है।
भाषा जितेंद्र नरेश
नरेश

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