केरल के नामित मुख्यमंत्री सतीशन ने वेणुगोपाल से मुलाकात की, मतभेदों की खबरें खारिज कीं

केरल के नामित मुख्यमंत्री सतीशन ने वेणुगोपाल से मुलाकात की, मतभेदों की खबरें खारिज कीं

केरल के नामित मुख्यमंत्री सतीशन ने वेणुगोपाल से मुलाकात की, मतभेदों की खबरें खारिज कीं
Modified Date: May 16, 2026 / 06:46 pm IST
Published Date: May 16, 2026 6:46 pm IST

(फोटो के साथ)

तिरुवनंतपुरम, 16 मई (भाषा) केरल के नामित मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने शनिवार को यहां अपनी पार्टी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.सी. वेणुगोपाल से उनके आवास पर मुलाकात की और दोनों के बीच मतभेद की खबरों को खारिज कर दिया।

सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल रहे वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीथला से भी मुलाकात की। चेन्नीथला से मुलाकात के बाद सतीशन वेणुगोपाल के आवास पहुंचे।

सतीशन दोपहर करीब 1:30 बजे वेणुगोपाल के आवास पहुंचे, जहां कई कांग्रेस नेता और नवनिर्वाचित विधायक मौजूद थे।

अलप्पुझा के सांसद वेणुगोपाल ने उनका स्वागत किया और दोनों ने अलग से 45 मिनट से अधिक समय तक चर्चा की।

ऐसी खबरें थीं कि वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री पद के लिए कई विधायकों का समर्थन हासिल था। हालांकि उन्होंने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था।

बाद में दोनों नेताओं ने साथ में पत्रकारों से बातचीत की और पार्टी में एकजुटता पर जोर दिया।

वेणुगोपाल ने कहा कि किसी राजनीतिक दल में मतभेद होना स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा,“अगर कोई भी इस शरीर को छूता है, तो इसमें कांग्रेस का खून है। हमारे लिए कांग्रेस सब कुछ है। एक बार जब पार्टी कोई फैसला ले लेती है, तो हमारा लक्ष्य उसके साथ मजबूती से खड़े रहना और उसके लिए लड़ना होता है।”

उन्होंने कहा कि केरल में लोगों को यूडीएफ सरकार से काफी उम्मीदें हैं और प्राथमिकता गरीबों तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को हल करने की होगी।

वेणुगोपाल ने कहा, “एक कांग्रेसी होने के नाते, यह मेरी जिम्मेदारी है कि वह जब इस मिशन को आगे बढ़ाएं तो मैं उन्हें पूरा समर्थन दूं।”

उन्होंने यह भी कहा कि उनका सतीशन के साथ लंबे समय से व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंध रहा है।

उन्होंने कहा, “पार्टी वह धागा है जो सबको जोड़कर रखता है। मतभेद चाहे जो भी हों, हम सबको एकजुट रखने वाली शक्ति भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस है।”

वहीं सतीशन ने किसी भी तरह के मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि मंत्रिमंडल गठन पर चर्चा सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि केरल से मंत्रियों की सूची को राष्ट्रीय नेतृत्व के पास मंजूरी के लिए भेजने में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव के रूप में वेणुगोपाल की भूमिका महत्वपूर्ण है।

सतीशन ने कहा कि दोनों का पुराना संबंध है और वे साथ में काफी यात्राएं कर चुके हैं।

उन्होंने कहा, “हम हर काम आपसी सलाह के बाद करते हैं। केरल के संगठनात्मक मामलों और मंत्रिमंडल से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त रूप से चर्चा होती है और निर्णय लिया जाता है।”

सतीशन ने कहा, “ऐसा कोई मुद्दा नहीं है जिसे हम 10 या 15 मिनट साथ बैठकर हल न कर सकें। कभी वह सही होते हैं और कभी मैं सही होता हूं। हम एक-दूसरे को सुधारते रहते हैं।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और यूडीएफ नेतृत्व आपसी विचार-विमर्श के जरिए तेजी से निर्णय लेने में सक्षम है।

उन्होंने सोमवार को मुख्यमंत्री और मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों को शीघ्र अंतिम रूप दिए जाने का उदाहरण दिया।

सतीशन ने कहा कि मंत्रियों की सूची रविवार दोपहर तक राज्यपाल को सौंप दी जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि अब ध्यान केरल में शासन और जनता के मुद्दों पर केंद्रित होना चाहिए।

सतीशन ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से निर्णय लेने की प्रक्रिया का पालन करती है।

उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन में मतभेद स्वाभाविक हैं और कांग्रेस एक परिवार की तरह काम करती है तथा बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान करती है।

इससे पहले दिन में सतीशन ने चेन्नीथला से दो दिनों में दूसरी बार मुलाकात की। यह मुलाकात मुख्यमंत्री पद को लेकर मतभेदों के बाद उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए मनाने के प्रयासों का हिस्सा थी।

एआईसीसी की घोषणा के बाद चेन्नीथला ने कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में हिस्सा नहीं लिया था और इसके बजाय वह गुरुवायूर मंदिर चले गए थे।

उन्होंने अभी तक यह संकेत नहीं दिया है कि वह मंत्रिमंडल में शामिल होंगे या नहीं।

शनिवार को भी चेन्नीथला के साथ बातचीत जारी रही और करीब 20 मिनट तक चली बैठक में दोनों नेताओं को सौहार्दपूर्ण तरीके से बातचीत करते देखा गया।

बैठक के बाद सतीशन ने पत्रकारों के सवालों का जवाब नहीं दिया।

भाषा जोहेब पवनेश

पवनेश


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