कोलकाता गोदाम हादसा: मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हुई, 24 घंटे बाद भी बचाव कार्य जारी

कोलकाता गोदाम हादसा: मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हुई, 24 घंटे बाद भी बचाव कार्य जारी

कोलकाता गोदाम हादसा: मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हुई, 24 घंटे बाद भी बचाव कार्य जारी
Modified Date: June 25, 2026 / 05:21 pm IST
Published Date: June 25, 2026 5:21 pm IST

कोलकाता, 25 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल के दक्षिणी कोलकाता के तारातला इलाके में एक गोदाम ढहने की घटना में जान गंवाने वालों की संख्या बृहस्पतिवार को बढ़कर 11 हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि घटना के करीब 24 घंटे बाद भी बचाव दल सेना की उन्नत ‘‘ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार’’ (जीपीआर) प्रणाली की सहायता से मलबे को हटाने और गहन तलाशी अभियान चला रहे हैं।

बचाव अभियान से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सुबह मलबे से पांच और लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जिसके बाद मलबे से बाहर निकाले गए लोगों की कुल संख्या बढ़कर 30 हो गई।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, घटना स्थल पर या उसके कुछ समय बाद 10 लोगों की मौत हो गई थी जबकि एक अन्य घायल व्यक्ति ने बृहस्पतिवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

इसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई।

मृतकों की पहचान उत्तर 24 परगना के कृष्णा चौधरी (30), नादिया के रोहित चौधरी (40), पूर्व वर्धमान के राहुल चौधरी (17), कृष्णानगर के चंद्रमा चौधरी (60), श्यामनगर के पप्पू रजक (40), कोलकाता के खिदिरपुर के अजगर हुसैन (55), बसंती के साहिल सरदार (17), बिहार के मुंगेर के घी कुमार (17), मेटियाब्रुज के हसन इमाम (44), आसनसोल के नवीन सिंह और गणेश कालिंदी (45) की मौत एसएसकेएम अस्पताल में इलाज के दौरान हुई।

अधिकारियों के अनुसार, 19 घायलों का फिलहाल सरकारी अस्पताल में इलाज जारी है।

इस बीच, भारी बारिश के कारण बचाव अभियान लगभग एक घंटे तक रुक गया हालांकि पुलिस, दमकल विभाग, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और सेना के कर्मी घटनास्थल पर तैनात रहे।

यह गोदाम शहर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट के स्वामित्व वाली पट्टे पर दी गई भूमि पर बनाया जा रहा था।

राहत और बचाव कार्य पूरी रात जारी रहा और इसकी निगरानी स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम, कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंदा तथा कोलकाता नगर निगम आयुक्त स्मिता पांडेय सहित राज्य सरकार और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने की।

कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।

राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मलबे में दबे लोगों का पता लगाने के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।

अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘बचाव अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। संभावित जीवित लोगों का पता लगाने के लिए विशेष उपकरणों सहित उन्नत संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हमारी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।’’

मलबे में दबे लोगों का पता लगाने के लिए बचाव दल कैमरे भी इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके साथ ही, जिन लोगों के मोबाइल फोन अब भी सक्रिय हैं, उनकी स्थिति का पता लगाने के लिए मोबाइल फोन टावर के आंकड़ों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के सिलसिले में अब तक कम से कम पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें गोदाम के मालिक शंभूनाथ बेहरा, संरचनात्मक अभियंता कमल सामंत, गुलजार हुसैन, दिबाकर भंडारी तथा अब्दुल हमीद शामिल हैं।

कोलकाता पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए गैर-इरादतन हत्या तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की है।

भाषा जितेंद्र अविनाश

अविनाश


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