केन्द्र सरकार की लेट लतीफी के कारण अटकी रही कोटा हवाई अड्डा परियोजना: गहलोत

केन्द्र सरकार की लेट लतीफी के कारण अटकी रही कोटा हवाई अड्डा परियोजना: गहलोत

केन्द्र सरकार की लेट लतीफी के कारण अटकी रही कोटा हवाई अड्डा परियोजना: गहलोत
Modified Date: March 6, 2026 / 01:39 pm IST
Published Date: March 6, 2026 1:39 pm IST

जयपुर, छह मार्च (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की लेट लतीफी के कारण कोटा हवाई अड्डा परियोजना लगभग चार साल तक अटकी रही। गहलोत ने उम्मीद जताई है कि अब शिलान्यास के बाद इस परियोजना का काम तेजी से पूरा होगा।

गहलोत ने एक बयान में कहा, ‘‘कल कोटा हवाई अड्डे का शिलान्यास होने जा रहा है, जिसकी पहल हमारी कांग्रेस सरकार ने की थी।’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोटा में एक जनसभा के दौरान वहां की जनता से हवाई अड्डा बनाने का वादा किया था। ‘‘उसे हकीकत बनाने के लिए हमारी तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने 1250 एकड़ जमीन कोटा में हवाई अड्डे के लिए 2021 में निशुल्क आवंटित की। 2022 में यहां से बिजली लाइनों को स्थानांतरित करने के लिए 120 करोड़ रुपए का बजट भी स्वीकृत किया गया।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार की लेट लतीफी के कारण यह परियोजना करीब चार साल तक अटकी रही। ‘‘अब आशा है कि शिलान्यास के बाद इसका काम तेजी से पूरा होगा‌ एवं निर्माण कार्य भी गुणवत्तापूर्ण होगा।’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने ‘चंबल रिवरफ्रंट’ जैसी विश्वस्तरीय परियोजना देकर कोटा को पर्यटन का ‘केंद्र’ बनाने का प्रयास किया जिससे पर्यटकों की आवक कोटा में बढ़े। हालांकि भाजपा सरकार की उपेक्षा के कारण ‘रिवर फ्रंट’ में न रेस्टोरेंट खुल पाए हैं और न ही दूसरी सुविधाओं का विकास हुआ है।

उन्होंने कहा कि राज्य की मौजूदा भाजपा सरकार को ‘रिवर फ्रंट’ का और विकास करना चाहिए एवं इसका अच्छे से रखरखाव करना चाहिए जिससे हाड़ौती में पर्यटन बढ़ सके एवं हवाई अड्डे का बनना भी सार्थक हो सके।

भाषा पृथ्वी

मनीषा

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