कानूनी और नैतिक ढांचा मानव कल्याण पर आधारित होना चाहिए: मेघवाल

कानूनी और नैतिक ढांचा मानव कल्याण पर आधारित होना चाहिए: मेघवाल

कानूनी और नैतिक ढांचा मानव कल्याण पर आधारित होना चाहिए: मेघवाल
Modified Date: March 22, 2026 / 08:46 pm IST
Published Date: March 22, 2026 8:46 pm IST

कुरुक्षेत्र, 22 मार्च (भाषा) केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने रविवार को कहा कि देश का कानूनी और नैतिक ढांचा मानव कल्याण पर आधारित होना चाहिए।

खेरी मार्कंडा गांव स्थित आंबेडकर विधि महाविद्यालय में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य पूर्णतः मानव-केंद्रित डिजिटल क्रांति का नेतृत्व करना भी है।

इस कार्यक्रम का आयोजन आंबेडकर शिक्षा सोसायटी द्वारा किया गया था।

इस अवसर पर मेघवाल ने छह करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले महिला छात्रावास की आधारशिला रखी।

मंत्री ने युवाओं की भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के नाते भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, तकनीकी प्रगति और जनभागीदारी को नयी दिशा देने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता है।

बाद में, मेघवाल ने विधि के छात्रों से बातचीत की और कानूनी से जुड़े नये पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने आंबेडकर विधि महाविद्यालय का दौरा किया और वहां की सुविधाओं का जायजा लिया।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नागरिकों की सुरक्षा और समय पर न्याय सुनिश्चित करने के लिए कई नए कानून लागू किए हैं।

उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रणाली को मजबूत करने और सभी को शीघ्र न्याय दिलाने के प्रयास जारी हैं।

उन्होंने ‘ऑनलाइन केस मैनेजमेंट सिस्टम’, ‘ई-कोर्ट’ और वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई जैसी पहलों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अदालतों में रिक्त पदों को भरने और न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के लिए भी काम कर रही है।

मेघवाल ने लंबित मामलों की बड़ी संख्या सहित कुछ चुनौतियों को स्वीकार किया।

उन्होंने कहा कि सरकार और न्यायपालिका के समन्वित प्रयासों से इन समस्याओं का समाधान हो रहा है।

पूर्व सांसद ईश्वर सिंह ने इस अवसर पर कहा कि आंबेडकर एजुकेशन सोसाइटी के अंतर्गत आंबेडकर विधि महाविद्यालय में लगभग 400 छात्र वर्तमान में अध्ययनरत हैं।

उन्होंने कहा कि संस्थान सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान कर रहा है और शिक्षा के माध्यम से युवाओं के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण की कुंजी है।

भाषा

राखी संतोष

संतोष


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