लोस: एफसीआरए पर हंगामे के कारण बैठक स्थगित, सरकार का कांग्रेस और वामदलों पर गुमराह करने का आरोप

लोस: एफसीआरए पर हंगामे के कारण बैठक स्थगित, सरकार का कांग्रेस और वामदलों पर गुमराह करने का आरोप

लोस: एफसीआरए पर हंगामे के कारण बैठक स्थगित, सरकार का कांग्रेस और वामदलों पर गुमराह करने का आरोप
Modified Date: April 1, 2026 / 11:41 am IST
Published Date: April 1, 2026 11:41 am IST

नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण बुधवार को लोकसभा की बैठक शुरू होने के पांच मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।

सरकार ने कांग्रेस और वामपंथी दलों पर केरल में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्य की जनता के बीच विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्य ‘एफसीआरए वापस लो’ के नारे लगाने लगे।

विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) में संशोधन के लिए सरकार द्वारा लोकसभा में गत 25 मार्च को पेश विधेयक आज की कार्यसूची में चर्चा के लिए सूचीबद्ध है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शोर-शराबा कर रहे सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा कि इस समय सदस्यों को किसी मुद्दे पर बोलने का अवसर नहीं दिया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘आप जिस एफसीआरए विधेयक की बात कर रहे हैं, जब वह आएगा, तब विरोध कर सकते हैं।’’

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा, ‘‘केरल के सांसद शायद गलतफहमी में हंगामा कर रहे हैं। एफसीआरए संशोधन विधेयक पहले ही सदन में पेश हो चुका है इसलिए आज सूची में आया है। मैंने कांग्रेस के नेताओं को कल भी बताया, आज भी बताया कि आज एफसीआरए विधेयक जो सूचीबद्ध है उसे विचारार्थ नहीं लिया जा रहा।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और वामपंथी दल केरल में चुनाव को देखते हुए राज्य की जनता को एफसीआरए के बारे में गुमराह कर रहे हैं।

रीजीजू ने कहा कि एफसीआरए में बड़ा मूल संशोधन 2010 में कांग्रेस की सरकार के समय आया था और उसके बाद कई संशोधन आए हैं।

उन्होंने कहा कि इस बार जो संशोधन लाया गया है, यह विदेश से प्राप्त होने वाले अंशदान के विनियमन और सही उपयोग के लिए है। मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय हित का ध्यान में रखते हुए इस बात की निगरानी के लिए यह अच्छा कदम है कि धन का दुरुपयोग नहीं हो।

रीजीजू ने यह भी कहा कि यह विधेयक किसी धर्म के खिलाफ नहीं है और इसके जरिये किसी संगठन को निशाना नहीं बनाया जा रहा है।

विपक्ष का हंगामा जारी रहने पर अध्यक्ष बिरला ने बैठक दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने 25 मार्च को निचले सदन में यह विधेयक पेश किया था, जिसका मकसद विदेश से अंशदान हासिल करने को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा


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