दिल्ली के उपराज्यपाल ने राजस्व अधिकारियों के लिए कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शक्तियों को मंजूरी दी

दिल्ली के उपराज्यपाल ने राजस्व अधिकारियों के लिए कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शक्तियों को मंजूरी दी

दिल्ली के उपराज्यपाल ने राजस्व अधिकारियों के लिए कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शक्तियों को मंजूरी दी
Modified Date: June 28, 2026 / 10:36 pm IST
Published Date: June 28, 2026 10:36 pm IST

नयी दिल्ली, 28 जून (भाषा) दिल्ली के उप-राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने राष्ट्रीय राजधानी के पुनर्गठित ज़िलों में राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों को कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शक्तियां इस्तेमाल करने की मंज़ूरी दी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

लोक निवास के अधिकारियों ने बताया कि ये अधिकार जिला मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, राजस्व सहायकों, तहसीलदारों और चकबंदी अधिकारियों को उनके संबंधित पुनर्गठित अधिकार-क्षेत्रों में सौंपे जाएंगे।

यह फ़ैसला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 14 के तहत लिया गया, जिसने पुरानी दंड प्रक्रिया संहिता की जगह ली है। यह धारा राज्य सरकार को कार्यकारी मजिस्ट्रेट और जिलाधिकारी/अतिरिक्त जिलाधिकारी नियुक्त करने तथा उपमंडल के प्रभारी के तौर पर मजिस्ट्रेट तैनात करने का अधिकार देती है।

गृह मंत्रालय की 28 जून, 2024 की एक अधिसूचना के अनुसार, बीएनएसएस (धारा 523 को छोड़कर) के तहत राज्य सरकार की शक्तियां और कार्य दिल्ली के उप-राज्यपाल को सौंप दिए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि 25 दिसंबर, 2025 को राजस्व विभाग द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन के जरिए दिल्ली के जिलों का पुनर्गठन किया गया था। इसके बाद, नए बने जिलों में सुचारू प्रशासनिक कामकाज, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जन-सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए इन मजिस्ट्रेट शक्तियों को औपचारिक रूप से सौंपना जरूरी हो गया था।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और गृह मंत्री आशीष सूद ने उपराज्यपाल को सिफ़ारिश करने से पहले इस प्रस्ताव को मंज़ूरी दी थी।

अधिकारियों ने बताया कि उपराज्यपाल की औपचारिक मंज़ूरी मिलने के बाद, सरकार अब बीएनएसएस की धारा 14 के तहत एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगी।

पुनर्गठन प्रक्रिया के बाद, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में जिलों की संख्या 11 से बढ़कर 13 हो गई।

भाषा प्रशांत दिलीप

दिलीप


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