दिल्ली के उपराज्यपाल ने 21 ‘ट्रैफिक प्रहरी’ पुरस्कृत किए
दिल्ली के उपराज्यपाल ने 21 ‘ट्रैफिक प्रहरी’ पुरस्कृत किए
नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सड़कों पर नियमों का पालन सुनिश्चित कराने में मदद करने वाले सर्वश्रेष्ठ 21 ‘ट्रैफिक प्रहरी’ को बृहस्पतिवार को पुरस्कृत किया।
इसके साथ ही उन्होंने महिला यातायात पुलिस कर्मियों के लिए 38 ‘स्कूटी’ के एक नए बेड़े व दो आपदा प्रतिक्रिया वाहनों को हरी झंडी दिखायी। यातायात पुलिस ने एक बयान में यह जानकारी दी।
बयान के मुताबिक, यातायात संबंधी नियमों के उल्लंघन की ‘ट्रैफिक प्रहरी’ ऐप के माध्यम से सूचना देने वाले 21 व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
यातायात पुलिस की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं ज़ोन एक) विजंयता गोयल आर्य ने बताया कि पहला पुरस्कार 50 हजार रुपये, दूसरा 25 हजार रुपये, तीसरा 15 हजार रुपये और चौथा पुरस्कार 10 हजार रुपये था। उन्हें मार्च 2025 से फरवरी 2026 की अवधि के लिए पुरस्कृत किया गया है।
इसके अलावा उपराज्यपाल ने महिला यातायात पुलिस कर्मियों के लिए 38 ‘स्कूटी’ के एक नए बेड़े को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
आर्य ने बताया कि इसका उद्देश्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में त्वरित कदम उठाते हुए यातायात जाम को दूर करना और सड़कों पर प्रभावी उपस्थिति के माध्यम से विश्वास बढ़ाना है।
अधिकारी के मुताबिक, इस पहल से महिला अधिकारियों को उनके दिन-प्रतिदिन की ड्यूटी में काफी सहायता मिलेगी, उनकी परिचालन क्षमताओं को मजबूती मिलेगी और क्षेत्र में तैनाती के कार्यों में उनकी भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।
सड़क संकट के प्रबंधन में यातायात कर्मियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए खरीदे गए दो आपदा प्रतिक्रिया वाहनों को भी संधू ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
बयान के अनुसार ये वाहन स्टील कटर, पेड़ कटर, वाटर पंप, जनरेटर जैसी क्षमताओं और उपकरणों से लैस हैं।
इससे पहले उपराज्यपाल टोडापुर स्थित यातायात पुलिस मुख्यालय पहुंचे जहां पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा और यातायात प्रबंधन प्रभाग के विशेष आयुक्त नीरज ठाकुर ने उनका स्वागत किया। उपराज्यपाल को रस्मी ‘‘गार्ड ऑफ ऑनर’’ भी दिया गया।
बयान के मुताबिक, संधू को यातायात इकाई के समग्र कामकाज के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसमें नियमन और चालान करने संबंधी पहलू शामिल हैं। उन्होंने यातायात मुख्यालय में प्रवर्तन इकाई और ‘‘पब्लिक इंटरफेस यूनिट’’ (पीआईयू) की भी समीक्षा की।
भाषा नोमान नोमान अविनाश
अविनाश

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