जादूगर के पास अब कोई जादू नहीं बचा, युवा भारत उसकी हकीकत समझ चुका है : राहुल गांधी

जादूगर के पास अब कोई जादू नहीं बचा, युवा भारत उसकी हकीकत समझ चुका है : राहुल गांधी

जादूगर के पास अब कोई जादू नहीं बचा, युवा भारत उसकी हकीकत समझ चुका है : राहुल गांधी
Modified Date: April 26, 2026 / 09:54 pm IST
Published Date: April 26, 2026 9:54 pm IST

(फोटो सहित)

नयी दिल्ली, 26 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे को लेकर निशाना साधते हुए रविवार को कहा कि ‘‘जादूगर’’ के पास अब कोई नया जादू नहीं बचा और युवा भारत अब उसकी सच्चाई को जान चुका है।

गांधी ने दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्राओं के एक समूह से मुलाकात की और कहा कि भारत की महिलाएं जितनी अधिक सशक्त होंगी, देश के लिए उतना ही बेहतर होगा। एक अनौपचारिक बातचीत में, उन्होंने छात्राओं के कई सवालों के जवाब दिए। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि ‘जेन जेड’ की महिलाएं देश का नेतृत्व करेंगी और उनके लिए हर दरवाजा खोलना सभी का कर्तव्य है।

कांग्रेस नेता ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘गार्गी कॉलेज और दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्राओं से मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दो बातें स्पष्ट हैं: 1. जादूगर के पास अब कोई जादू नहीं बचा है। युवा भारत उसे भली-भांति पहचानता है। 2. ‘जेन जेड’ हमारा भविष्य है- और ‘जेन जेड’ की महिलाएं ही नेतृत्व करेंगी। उनके लिए हर द्वार खोलना हमारा कर्तव्य है।”

‘जेन जेड’ उस पीढ़ी को कहा जाता है जो 1997 से 2012 के बीच पैदा हुई है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे देश का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।’’

गांधी ने लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन संबंधी विधेयक पर बहस के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को ‘‘जादूगर’’ कहकर निशाना बनाया था, लेकिन कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी बाद में रिकॉर्ड से हटा दी गई थी।

कांग्रेस नेता ने महिलाओं को सशक्त बनाने के पक्ष में अपना झुकाव व्यक्त करते हुए कहा कि वे पुरुषों से अधिक प्रभावी होती हैं। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती और तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की उनके संबंधित राज्यों में निभाई गई भूमिका की सराहना की।

गांधी ने बातचीत के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी हमला बोला और उसे ब्रिटिश राज का समर्थन करने वाले ‘‘महाराजाओं की नौकरशाही’’ करार दिया।

महिला आरक्षण संशोधन संबंधी विधेयक पर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा इसके जरिए परिसीमन कराना चाहती है, जिससे ‘‘दक्षिण और उत्तर के बीच युद्ध’’ छिड़ सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘वे अचानक यह विधेयक लेकर आए और हम चाहते थे कि वे मौजूदा 543 सीटों में से एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करें, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। दरअसल, यह महिलाओं का विधेयक नहीं है। यह बहुत सरल है, यह परिसीमन से संबंधित विधेयक है।’’

गांधी ने कहा, ‘‘वे दक्षिणी राज्यों में सीटों की संख्या कम करके उत्तर भारत के राज्यों में बढ़ाना चाहते हैं। लेकिन, यह एक समस्या है…यह बहुत खतरनाक बात है… यदि आप नतीजों पर सावधानीपूर्वक विचार किए बिना भारत में सीटों की संख्या बदलते हैं, तो दक्षिण और उत्तर के बीच युद्ध का खतरा पैदा हो जाएगा।’’

बसपा प्रमुख की उपलब्धियों के बारे में बात करते हुए गांधी ने कहा, ‘‘मैं उनका प्रतिद्वंद्वी हूं, लेकिन मुझे लगता है कि मायावती जी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मुझे उनके कई कामों से आपत्ति है। मुझे उनके आंदोलन को आगे बढ़ाने के तरीके से भी आपत्ति है। लेकिन मुझे लगता है कि जब तक उन्होंने हार नहीं मानी, तब तक वह बहुत साहसी और काफी प्रभावी थीं। लेकिन यह एक अलग मुद्दा है। मुझे लगता है कि उन्होंने कई वर्षों तक उत्तर प्रदेश की राजनीति को मौलिक रूप से बदल दिया।’’

उन्होंने ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) नेता की भूमिका की सराहना करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि तमिलनाडु में जयललिता जी – जिनके साथ हमने साझेदारी की थी – एक असाधारण नेता थीं।’’

जब गांधी से पूछा गया कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह क्या करेंगे, तो गांधी ने कहा, “राजनीतिक भागीदारी; कॉर्पोरेट जगत में भागीदारी; भारत की संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी। इन सभी संरचनाओं में महिलाओं को अनिवार्य रूप से शामिल करना।”

जब उनसे पूछा गया कि राजनीतिक दल महिलाओं को सशक्त बनाने को प्रतीकात्मक क्यों मानते हैं, तो उन्होंने कहा, ‘‘यह सच है, लेकिन हमारी पार्टी ऐसा कम करती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए, पुरुषों और महिलाओं दोनों को समान स्थान मिलना चाहिए। और मैं अपने अनुभव से मानता हूं कि महिलाओं की प्रभावशीलता और शक्ति पुरुषों से कहीं अधिक है। वे अधिक प्रभावी होती हैं।’’

गांधी ने कहा, ‘‘मेरा मानना ​​है कि भारत में जितना अधिक सशक्तिकरण होगा, उतना ही बेहतर होगा। मैं पुरुषों की तुलना में महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति अधिक झुकाव रखता हूं।’’

उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस द्वारा लाई गई पंचायती राज व्यवस्था ने महिलाओं को किस प्रकार राजनीतिक रूप से सशक्त बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में पारित हुआ और पूरे विपक्ष ने इसका समर्थन किया, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तब कहा कि इसे 10 साल तक लागू नहीं किया जाएगा।

आरएसएस पर हमला करते हुए गांधी ने कहा, ‘‘आरएसएस वास्तव में महाराजाओं की नौकरशाही थी। आरएसएस अंग्रेजों की नौकरशाही थी… उपनिवेशवाद के हमेशा सहयोगी रहे हैं, और वे सहयोगी महाराजा और नौकरशाही थे।’’

बाद में यूट्यूब पर गांधी ने अपनी बातचीत का वीडियो साझा करते हुए कहा, ‘‘दिल्ली विश्वविद्यालय और गार्गी कॉलेज की ‘जेन जेड’ छात्राओं से मुलाकात की। स्पष्ट सोच, सशक्त अभिव्यक्ति और बिना किसी झिझक के अपने विचारों को व्यक्त करने का आत्मविश्वास, यही उनकी पहचान है।’’

भाषा आशीष नरेश

नरेश


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