महाराष्ट्र सरकार अनुसूचित जातियों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रही है: बडोले
महाराष्ट्र सरकार अनुसूचित जातियों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रही है: बडोले
गोंदिया, 25 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के पूर्व सामाजिक न्याय मंत्री राजकुमार बडोले ने शनिवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार अनुसूचित जाति समुदाय के बीच मतभेद पैदा करने और उप-वर्गीकरण के माध्यम से ‘‘भाइयों’’ को आपस में लड़वाने की कोशिश कर रही है।
गोंदिया जिले के अर्जुनी मोरगांव विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले बडोले ने मांग की कि अनुसूचित जातियों के भीतर उप-वर्गीकरण पर न्यायमूर्ति बदर समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए।
बडोले भाजपा के नेतृत्व वाले ‘महायुति’ गठबंधन के घटक दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के विधायक हैं।
उच्चतम न्यायालय के उस फैसले के बाद, जिसमें राज्यों को अनुसूचित जाति श्रेणी के भीतर उप-श्रेणियां बनाने की अनुमति दी गई थी, महाराष्ट्र सरकार ने 2024 में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अनंत बदर की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था।
एक महीने से अधिक समय पहले पेश की गई यह रिपोर्ट अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है, जबकि सरकार ने आपत्तियां और राय आमंत्रित की हैं। इस कदम से अनुसूचित जाति समुदायों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
बडोले ने कहा, ‘‘उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 341 के तहत आरक्षण की सुरक्षा प्रदान की थी। अब सरकार इसे टुकड़ों में बांट रही है और भाइयों के बीच लड़ाई करा रही है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने 59 अनुसूचित जातियों में से एक भी विशेषज्ञ को शामिल किए बिना जल्दबाजी में बदर समिति का गठन किया। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को इस रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक करना चाहिए।’’
पूर्व मंत्री ने यह भी मांग की कि संसद में कानून बनाकर उप-वर्गीकरण संबंधी निर्णय को रद्द किया जाए।
भाषा देवेंद्र माधव
माधव

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