महाराष्ट्र के स्वयंभू बाबा खरात ने स्वयं को शिव का अवतार बताया और जबरन वसूली की: ईडी
महाराष्ट्र के स्वयंभू बाबा खरात ने स्वयं को शिव का अवतार बताया और जबरन वसूली की: ईडी
नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) महाराष्ट्र के स्वयंभू बाबा अशोक खरात ने खुद को भगवान शिव का अवतार बताते हुए अलौकिक शक्तियों का दावा किया और मृत्यु एवं काला जादू का भय दिखाकर पीड़ितों से धन और मूल्यवान संपत्ति हड़पने का काम किया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को ये आरोप लगाये।
खरात को महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है।
ईडी के अनुसार, जांच में पता चला कि खरात धार्मिक और आध्यात्मिक अनुष्ठान की आड़ में एक ‘‘व्यवस्थित जबरन वसूली गिरोह’’ चला रहा था।
संघीय एजेंसी ने एक बयान में कहा, ‘‘आरोपी ने कथित तौर पर स्वयं को भगवान शिव का अवतार बताया, अलौकिक शक्तियों और दिव्य ज्ञान का दावा किया तथा मनगढ़ंत अनुष्ठानों और भावनात्मक रूप से बरगलाकर पीड़ितों के बीच मृत्यु और काले जादू का भय पैदा किया।’’
बयान में कहा गया, ‘‘इस प्रकार के हथकंडे अपनाकर, आरोपी ने कथित तौर पर ‘अवतार पूजा’, धार्मिक अनुष्ठान और आध्यात्मिक मार्गदर्शन की आड़ में पीड़ितों से बड़ी मात्रा में धन और मूल्यवान संपत्ति हड़प ली।’’
ईडी ने कहा कि ऐसे ही एक मामले में, खरात पर एक शिकायतकर्ता से मर्सिडीज कार की खरीद, विदेश यात्राओं, अमेरिका में चिकित्सा उपचार और फार्महाउस के विकास के रूप में 5.62 करोड़ रुपये की उगाही करने का आरोप है।
खरात के खिलाफ धन शोधन का यह मामला महाराष्ट्र पुलिस की कई प्राथमिकी पर आधारित है, जिनमें से एक उसके गृह नगर नासिक में दर्ज की गई थी।
खरात को सबसे पहले 18 मार्च को नासिक पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जब एक विवाहित महिला ने उस पर तीन साल से अधिक समय तक बार-बार बलात्कार करने का आरोप लगाया था।
भाषा शफीक नरेश
नरेश

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