ममता सरकार ने व्यापार सम्मेलन के लिए फिक्की को 324 करोड़ रुपये से अधिक दिए : शुभेंदु

ममता सरकार ने व्यापार सम्मेलन के लिए फिक्की को 324 करोड़ रुपये से अधिक दिए : शुभेंदु

ममता सरकार ने व्यापार सम्मेलन के लिए फिक्की को 324 करोड़ रुपये से अधिक दिए : शुभेंदु
Modified Date: June 23, 2026 / 09:39 pm IST
Published Date: June 23, 2026 9:39 pm IST

कोलकाता, 23 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को ममता बनर्जी नीत पूर्ववर्ती सरकार पर आरोप लगाया कि उसने एक व्यापार सम्मेलन आयोजित करने के लिए भारतीय वाणिज्य और उद्योग महासंघ (फिक्की) को 324 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया।

अधिकारी ने यह भी संकेत दिया कि यह भुगतान तय नियमों का उल्लंघन करके किया गया था।

विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान अधिकारी ने अपने आरोपों के समर्थन में सरकारी फाइल दिखाई।

उन्होंने विपक्ष से कहा, ‘‘क्या आप देखना चाहते हैं कि आपके नेता ने क्या किया है? आप बीजीबीएस (बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट) की इतनी तारीफ करते हैं। फिक्की को 324.73 करोड़ रुपये दिये गए थे।’’

बीजीबीएस, राज्य में घरेलू और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए ममता बनर्जी की प्रमुख पहल में से एक रहा है। इस सम्मेलन के अलग-अलग संस्करणों में कई देशों के प्रमुख उद्योगपतियों, राजनयिकों और व्यापार जगत के प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया था।

अधिकारी ने कहा, ‘‘बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट का आयोजन सरकार ने किया था। पूर्व वित्त मंत्री…आपके पूर्व मुख्यमंत्री ने फिक्की को 324.73 करोड़ रुपये दिए। यह पैसा कैसे दिया गया?’’

शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हस्ताक्षर वाले दस्तावेज भी दिखाये और दावा किया कि जिन गड़बड़ियों का आरोप है, वह असल में बहुत बड़े मामले का महज एक छोटा सा हिस्सा भर है।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने एक साल के लिए फिक्की को सीधे 324.73 करोड़ रुपये अंतरित किये थे, और उन्होंने भुगतान के तरीके पर सवाल उठाए।

हालांकि, उन्होंने उस साल का जिक्र नहीं किया जब यह कथित भुगतान किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खर्च की जांच की जाएगी और चेतावनी दी कि अगर गड़बड़ी पाई गई तो कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘अगर जरूरत पड़ी, तो वित्तीय हेराफेरी की जांच करने वाली एजेंसियों को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।’’

हालांकि, उन्होंने उस कार्यक्रम प्रबंधन कंपनी का नाम नहीं बताया जिसे कथित तौर पर पैसे मिले थे।

खबर लिखे जाने तक, टिप्पणी के लिए फिक्की से संपर्क नहीं हो सका था।

भाषा सुभाष माधव

माधव


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