पति की मौत के तीन साल बाद हुआ बेटे का जन्म ,तकनीकी चमत्कार की एक और मिसाल

पति की मौत के तीन साल बाद हुआ बेटे का जन्म ,तकनीकी चमत्कार की एक और मिसाल

पति की मौत के तीन साल बाद हुआ बेटे का जन्म ,तकनीकी चमत्कार की एक और मिसाल
Modified Date: November 29, 2022 / 08:59 pm IST
Published Date: August 20, 2018 6:17 am IST

इसे ईश्वर का चमत्कार कहें या फिर किसी पत्नी की दुआ का असर जिसने सड़क हादसे में तीन साल पहले अपने पति को खो दिया उसी पति का बच्चा अब दुनियां में जन्म लिया है।सुप्रिया जैन के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं। 

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इस चमत्कार की शुरुआत हुई  अगस्त, 2015 में जब बेंगलुरु में काम कर रहे करीब 30 साल के दंपती सुप्रिया जैन और गौरव एस ने जिंदगी आगे बढ़ाने का फैसला किया। शादी के पांच साल बाद भी जब वे माता-पिता नहीं बन सके तो उन्होंने आईवीएफ तकनीक की मदद ली।लेकिन किस्मत ने एक बार फिर करवट बदली और इस प्रक्रिया में जाने के कुछ दिन बाद गौरव की सड़क हादसे में मौत हो गई।

इस हादसे ने सुप्रिया की ज़िंदगी बदल दी थी।वह अंदर से डर गई थी इसी बिच उसने अपना डर और निराशा एक ब्लॉग में लिखा। गौरव की मौत के कुछ हफ्ते बाद उन्होंने लिखा, ‘जिस दिन वह गया उसने अपने अगले वेंचर का लोगो फाइनल किया था। वह गांव जाने से पहले पैरंट्स के घर नहीं जाता था लेकिन उस दिन वह गया। अपने भतीजे, मां और कुत्ते के साथ वक्त बिताने के बाद उसने कहा कि वह जल्द वापस लौटेगा और उन्हें अच्छी खबर (बच्चे को लेकर) देगा। लेकिन वह इस अच्छी खबर के इंतिजार में ही चला गया और फिर सुप्रिया के अंदर अचानक से एक शक्ति जागी उसने  बिना अपने पैरंट्स से बात किए एक फैसला लिया। उसके बाद उसने अपने पति के बच्चे को जन्म देने का मन बनाया और डॉ. फिरूजा पारिख से मुलाकात की। इसके बाद उनका मां बनने का खर्चीला और लंबा सफर शुरू हुआ। डॉक्टरों का कहना है कि यह आसान नहीं रहा और बहुत मुश्किल से सुप्रिया के पति के स्पर्म्स को संभाल कर रखा जा सका। डॉ. पारिख कहती हैं, ‘हम कोई रिस्क नहीं लेना चाहते थे। हमने कई बार एग्स फर्टिलाइज करने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। हमने सरोगेट ढूंढने का फैसला भी किया। इसी बीच जब हमारे पास एक आखिरी मौका था और हम उम्मीद लगभग खो चुके थे, यह तकनीक काम कर गई और ठीक गौरव की मौत वाले दिन ही गौरव का बच्चा दुनियां में आया वो भी पूरे तीन साल बाद। 

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इस बारे में सुप्रिया कहती हैं, ‘मैं उम्मीद करती हूं वह अपने पापा जैसा दिखेगा। मैं बच्चा नहीं, गौरव का बच्चा चाहती थी। हमने पहले ही तय किया था कि हमारा एक बच्चा होगा और दूसरा हम अडॉप्ट कर लेंगे। अच्छी बात यह है कि गौरव की मौत वाले दिन अब मुझे शहर छोड़कर भागने का मन नहीं होगा।

 

 

वेब डेस्क IBC24


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