छेड़खानी का विरोध करने पर व्यक्ति की हत्या, तीन पुलिसकर्मी निलंबित
छेड़खानी का विरोध करने पर व्यक्ति की हत्या, तीन पुलिसकर्मी निलंबित
जमशेदपुर, 30 जून (भाषा) झारखंड के जमशेदपुर में छेड़खानी का विरोध करने पर जिस व्यक्ति पर चाकू से हमला किया गया था, उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
उसने बताया कि इस घटना के सिलसिले में कथित लापरवाही को लेकर तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
उसने बताया कि मृतक की पहचान हिमांशु सिंह के तौर पर हुई है। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के एक बार में शनिवार रात सिंह और एक अन्य व्यक्ति ने छेड़खानी का विरोध किया था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पुलिस के गश्ती वाहन से दोनों लोगों को बाहर खींचकर उन्हें चाकू मार दिया। ‘टाटा मेन हॉस्पिटल’ में भर्ती हिमांशु सिंह की सोमवार शाम मौत हो गई, जबकि दूसरा पीड़ित गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।
इस घटना के बाद बार के मालिक समेत 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस ने एक बयान में कहा कि उप पुलिस अधीक्षक द्वारा की गई जांच मे गश्ती दल की लापरवाही की पुष्टि हुई है। निलंबित पुलिसकर्मियों की पहचान सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) रतन कुमार दास और राजेश कुमार रंजन तथा कांस्टेबल मनोज कुमार के रूप में की गई है।
हिमांशु की मौत की खबर से सैकड़ों लोगों ने बिष्टुपुर गोलचक्कर पर सड़क जाम कर दिया, जिससे जमशेदपुर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक पर छह घंटे से अधिक समय तक यातायात पूरी तरह ठप रहा।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए दावा किया कि दो आरोपियों की गिरफ्तारी महज एक दिखावा थी, जबकि मुख्य आरोपी अब भी फरार है। उन्होंने हमले में शामिल सभी लोगों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की।
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर पुलिस को जिम्मेदार ठहराया।
जनता दल (यूनाइेटड) नेता ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि दो युवकों को पुलिस गश्ती वाहन से बाहर खींच कर उन पर हमला करना पुलिस व्यवस्था के पूरी तरह से ध्वस्त होने को दर्शाता है।
भाषा प्रचेता अविनाश
अविनाश

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