मणिपुर : बिष्णुपुर में बम हमले को लेकर भड़की हिंसा के बाद स्थिति तनावपूर्ण लेकिन शांत
मणिपुर : बिष्णुपुर में बम हमले को लेकर भड़की हिंसा के बाद स्थिति तनावपूर्ण लेकिन शांत
इंफाल, आठ अप्रैल (भाषा) मणिपुर के पांच घाटी जिलों में बुधवार को स्थिति तनावपूर्ण लेकिन शांत बनी हुई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
राज्य के बिष्णुपुर में एक दिन पहले हुए बम हमले के बाद हिंसा भड़क गई थी।
अधिकारी ने बताया कि हिंसा के बाद से ही इंफाल ईस्ट और वेस्ट, बिष्णुपुर, थौबल और काकचिंग जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया, इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं और भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई जो अब तक जारी है।
पुलिस के अनुसार, मंगलवार को तड़के मोइरांग ट्रोंग्लाओबी में संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा फेंका गया बम एक घर पर गिरा, जिससे घर में सो रहे पांच वर्षीय लड़के और छह महीने की बच्ची की मौत हो गई तथा उनकी मां घायल हो गईं।
अधिकारी ने कहा, ‘रात भर की झड़पों के बाद स्थिति नियंत्रण में है। आज सुबह किसी भी प्रकार की हिंसा की सूचना नहीं मिली है। कुल मिलाकर स्थिति शांत है।’
उन्होंने बताया कि मंगलवार देर रात इंफाल ईस्ट और वेस्ट जिलों के कुछ स्थानों पर सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं जिसके बाद पुलिस कर्मियों को प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
प्रदर्शनकारियों ने इंफाल पूर्वी जिले के खुरई लामलॉन्ग और वांगखेई तथा इंफाल वेस्ट जिले के उरीपोक और क्वाकेथेल में सड़कों पर टायर जलाए और दो बच्चों की हत्या में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इस विस्फोट के विरोध में प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के शिविर पर हमला किया, जिसके बाद सुरक्षा बलों की गोलीबारी में दो लोग मारे गए जबकि 20 अन्य घायल हो गए।
मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने राज्य की मौजूदा स्थिति की समीक्षा के लिए एक सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की।
मुख्यमंत्री के अनुसार, मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी जाएगी।
मई 2023 में मणिपुर में इंफाल घाटी के मेइती और पहाड़ी इलाकों के कुकी-जो समूहों के बीच भड़की जातीय हिंसा में कम से कम 260 लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
भाषा प्रचेता मनीषा
मनीषा

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