मन की बात : मोदी ने लोगों से पांडुलिपियों के बारे में जानकारी साझा करने का आग्रह किया

मन की बात : मोदी ने लोगों से पांडुलिपियों के बारे में जानकारी साझा करने का आग्रह किया

मन की बात : मोदी ने लोगों से पांडुलिपियों के बारे में जानकारी साझा करने का आग्रह किया
Modified Date: March 29, 2026 / 04:04 pm IST
Published Date: March 29, 2026 4:04 pm IST

नयी दिल्ली, 29 मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक ‘मन की बात’ कार्यक्रम में ‘ज्ञान भारतम सर्वे’ पर प्रकाश डाला जिसके तहत पुरानी पांडुलिपियों के बारे में जानकारी एकत्र की जाती है।

मोदी ने लोगों से आग्रह किया कि अगर उन्हें ऐसे दस्तावेज मिलें तो वे उनकी उचित सत्यापन और संरक्षण के लिए जानकारी साझा करें।

अपने मासिक रेडियो संबोधन ‘मन की बात’ में मोदी ने कहा कि ‘ज्ञान भारतम सर्वे’ पहल का उद्देश्य देश भर की पांडुलिपियों के बारे में जानकारी एकत्र करना है और इस सर्वेक्षण में भाग लेने का एक तरीका है ‘ज्ञान भारतम ऐप’, जिसके माध्यम से इस पहल का हिस्सा बना जा सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आपके पास कोई पांडुलिपि या उससे संबंधित जानकारी है, तो कृपया उसकी फोटो ‘ज्ञान भारतम ऐप’ पर साझा करें। प्रत्येक प्रविष्टि से संबंधित जानकारी को दर्ज करने से पहले सत्यापित किया जा रहा है। मुझे खुशी है कि अब तक हजारों पांडुलिपियां साझा की जा चुकी हैं।’’

प्रधानमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश के नामसाई के चाओ नंतिसिन्ध लोकांग जी ने ताई लिपि में पांडुलिपियां साझा की हैं और अमृतसर के भाई अमित सिंह राणा ने गुरुमुखी लिपि में पांडुलिपियां साझा की हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘यह (गुरुमुखी लिपि) हमारी महान सिख परंपरा और पंजाबी भाषा से जुड़ी लिपि है। कुछ संस्थाओं ने ताड़ के पत्तों पर लिखी पांडुलिपियां दी हैं।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि राजस्थान के अभय जैन ग्रंथालय ने तांबे की प्लेट पर लिखी बहुत पुरानी पांडुलिपियां साझा की हैं। वहीं, लद्दाख की हेमिस मोनेस्टरी ने तिब्बती में बहुमूल्य पांडुलिपियों के बारे में जानकारी दी है।

उन्होंने कहा, ‘‘यहां पर मैंने कुछ ही उदाहरण दिए हैं। यह सर्वे जून के मध्य तक जारी रहने वाला है। आप सभी से मेरा आग्रह है कि अपनी संस्कृति से जुड़े पहलुओं को सामने लाएं और उन्हें साझा करें।’’

मोदी ने कहा कि भारत की ताकत उसके करोड़ों लोगों में निहित है और यह पहल देशवासियों के बीच जनभागीदारी की भावना को दर्शाती है।

भाषा सुरभि रंजन

रंजन


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