तेलंगाना में माओवादी संगठन पतन की कगार पर: डीजीपी रेड्डी

तेलंगाना में माओवादी संगठन पतन की कगार पर: डीजीपी रेड्डी

तेलंगाना में माओवादी संगठन पतन की कगार पर: डीजीपी रेड्डी
Modified Date: January 6, 2026 / 09:50 am IST
Published Date: January 6, 2026 9:50 am IST

हैदराबाद, छह जनवरी (भाषा) तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी शिवधर रेड्डी ने कहा कि राज्य में माओवादी संगठन बिल्कुल कमजोर पड़ गया है और नयी भर्ती न होने जैसे कारणों की वजह से यह लगभग पतन की कगार पर हैं।

रेड्डी ने बताया कि वर्ष 2025 में राज्य में 500 से अधिक उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया और अब केवल तेलंगाना के 17 मूल निवासी ही इस प्रतिबंधित संगठन में बचे हैं।

रेड्डी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘अब केवल 17 (तेलंगाना के सक्रिय भूमिगत कैडर) ही बचे हैं और उनमें से आधे से अधिक की उम्र 50 वर्ष से अधिक है। उनके लिए लगभग सब कुछ खत्म हो चुका है। संगठन में कोई नयी भर्ती नहीं हो रही है।’’

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उन्होंने कहा कि माओवादियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए तेलंगाना पुलिस उनके परिजनों व दोस्तों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है।

डीजीपी ने कहा, ‘‘हमारा प्रयास अब उन्हें बाहर निकालने का है। अगर वे आत्मसमर्पण कर देते हैं तो तेलंगाना उनकी गतिविधियों से मुक्त हो जाएगा। हम अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं।’’

उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में संगठन के और अधिक सदस्य आत्मसमर्पण करेंगे।

वर्तमान में देश के विभिन्न स्थानों पर केवल 17 सक्रिय भूमिगत माओवादी सदस्य तेलंगाना से हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के सात केंद्रीय समिति सदस्यों में से चार इसी राज्य के हैं।

भाषा सुमित खारी

खारी


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