मराठा आरक्षण मुद्दा: जरांगे ने 30 मई से फिर आंदोलन करने की चेतावनी दी

मराठा आरक्षण मुद्दा: जरांगे ने 30 मई से फिर आंदोलन करने की चेतावनी दी

मराठा आरक्षण मुद्दा: जरांगे ने 30 मई से फिर आंदोलन करने की चेतावनी दी
Modified Date: May 16, 2026 / 02:19 pm IST
Published Date: May 16, 2026 2:19 pm IST

छत्रपति संभाजीनगर, 16 मई (भाषा) मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने शनिवार को समुदाय की अधूरी मांगों के विरोध में 30 मई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा की और महाराष्ट्र सरकार को मराठवाड़ा में कुनबी जाति का प्रमाणपत्र वितरित करने के लिए 29 मई की समय सीमा दी।

जरांगे ने जालना जिले के अंतरवाली सारती गांव में पत्रकारों से बात करते हुए मराठा आरक्षण उप-समिति को भंग करने की मांग की और दावा किया कि समिति ने समुदाय के लिए कुछ नहीं किया।

उन्होंने मराठा और कुनबी समुदायों के लिए अलग-अलग मंत्रालय बनाने पर भी जोर दिया।

कार्यकर्ता ने दावा किया कि राज्य सरकार ने मराठों को कुनबी जाति का प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह से रोक दी है।

उन्होंने आरोप लगाया, “पहले हमें जाति प्रमाणपत्र मिलते थे लेकिन अब इनका वितरण बंद हो गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रक्रिया रोक दी है। जब हमने हैदराबाद राजपत्र के अनुसार प्रमाणपत्र मांगे, तो हमें कुछ प्रमाण पत्र मिले लेकिन अब अधिकारी कहते हैं कि सरकार ने उन्हें जारी न करने का निर्देश दिया है।”

जरांगे ने राज्य सरकार से सतारा, औंध और अन्य राजपत्रों को तुरंत लागू करने, पहले से जारी जाति प्रमाणपत्रों को मान्यता देने और पिछले आंदोलनों के दौरान मराठा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज पुलिस मामलों को रद्द करने की मांग की।

उन्होंने कहा, “सरकार ने सतारा राजपत्र की घोषणा के आठ महीने बाद भी इसे लागू नहीं किया है। हम उन्हें और समय नहीं दे सकते।”

जरांगे ने सरकार को कुनबी प्रमाण पत्र वितरित करने के लिए 29 मई तक का समय दिया है और ऐसा नहीं करने पर 30 मई से आंदोलन का सामना करने की चेतावनी दी।

भाषा जितेंद्र संतोष

संतोष


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