मातृभूमि साहित्योत्सव 2 फरवरी से, कई मशहूर लेखक भाग लेंगे |

मातृभूमि साहित्योत्सव 2 फरवरी से, कई मशहूर लेखक भाग लेंगे

मातृभूमि साहित्योत्सव 2 फरवरी से, कई मशहूर लेखक भाग लेंगे

: , January 25, 2023 / 09:03 PM IST

तिरूवनंतपुरम, 25 जनवरी (भाषा) देश के सबसे बड़े साहित्योत्सवों में से एक मातृभूमि इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ लेटर्स (एमबीआईएफएल) का चौथा संस्करण यहां दो फरवरी से शुरू होगा जिसमें नोबेल पुरस्कार विजेता अब्दुल रज्जक गुरनाह के अलावा बुकर, ज्ञानपीठ सहित विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित लेखक इसमें भाग लेंगे।

इस कार्यक्रम में कला, मीडिया और फिल्म जैसे क्षेत्रों के दिग्गजों के साथ-साथ मशहूर साहित्यकार भी समकालीन विषयों पर अपने दृष्टिकोण साझा करेंगे। चार दिवसीय इस कार्यक्रम को मलयालम में ‘का’ के नाम से भी जाना जाता है।

इस आयोजन में वैश्विक साहित्य जगत के 400 से अधिक वक्ता शामिल होंगे जिनमें मैन बुकर इंटरनेशनल पुरस्कार विजेता शेहन करुणातिलका और जोखा अलहार्थी शामिल हैं।

‘एमबीआईएफएल 2023’ का आयोजन कनककुन्नु पैलेस में होगा और इसी साल भारत के प्रमुख दैनिक समाचार पत्रों में से एक मातृभूमि का शताब्दी वर्ष है। बुधवार को यहां जारी एक बयान में कहा गया है कि इस आयोजन के चौथे संस्करण का विषय (थीम) ‘इतिहास की छाया, भविष्य की रोशनी’ है। इस कार्यक्रम में संवाद, परिचर्चा और कविता एवं गद्य पाठ के मनोरंजक सत्र भी होंगे।

मातृभूमि के प्रबंध निदेशक एम वी श्रेयम्स कुमार इस उत्सव के अध्यक्ष हैं जबकि मातृभूमि के अध्यक्ष और प्रबंध संपादक पी वी चंद्रन कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक हैं। महोत्सव के निदेशक मयूरा श्रेयम्स कुमार ने कहा कि इस वर्ष भव्य आयोजन की योजना बनाई गई है, जिसमें लेखकों, संपादकों, प्रकाशकों, अभिनेताओं, लेखकों, कवियों, फिल्म निर्माताओं, संगीतकारों, मीडियाकर्मियों और साहित्य की दुनिया से जुड़े लोगों का संगम होगा।

तंजानिया में जन्मे ब्रिटिश उपन्यासकार गुरनाह को शरणार्थियों के करुणामय चित्रण के लिए 2021 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया था।

ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता दामोदर मौजो, एमटी वासुदेवन नायर और अमिताभ भी इस महोत्सव में शामिल होंगे।

केरल के मंत्रियों पी ए मोहम्मद रियास, एम बी राजेश, के एन बालगोपाल, आर बिंदु और पी राजीव के साथ ही तमिलनाडु के वित्त मंत्री पलानीवेल त्यागराजन, लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा, पत्रकार प्रीतीश नंदी और पूर्व क्रिकेटर साद बिन जंग अन्य प्रमुख वक्ता हैं।

तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर महोत्सव के संरक्षक हैं जबकि देविका एम एस महोत्सव निदेशकों में से एक हैं।

इस कार्यक्रम की शुरुआत 2018 में हुई थी जिसका उद्देश्य लोगों द्वारा, लोगों का, लोगों के लिए रचनात्मक संवाद आयोजित करना, जश्न मनाना और एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करना है।

भाषा अविनाश पवनेश

पवनेश

 

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