राज्यसभा में सदस्यों ने हरिवंश को उपसभापति पद पर पुनर्निर्वाचित होने पर दी बधाई
राज्यसभा में सदस्यों ने हरिवंश को उपसभापति पद पर पुनर्निर्वाचित होने पर दी बधाई
( तस्वीरों सहित )
नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) राज्यसभा में विभिन्न दलों के सदस्यों ने शुक्रवार को हरिवंश को तीसरी बार उपसभापति चुने जाने पर बधाई दी और पीठासीन अधिकारी के रूप में उनके आचरण की सराहना करते हुए सदन में विपक्ष को अधिक अवसर देने का आग्रह किया।
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने हरिवंश के निर्वाचन को “ऐतिहासिक” बताया और कहा कि वह इस पद पर पहुंचने वाले पहले मनोनीत सदस्य हैं। उन्होंने कहा, “इस पद पर आपका निर्वाचन एक और उदाहरण स्थापित करता है और यह साबित करता है कि आप इसके योग्य हैं।”
उन्होंने उपसभापति के रिक्त पद को शीघ्र भरे जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा ‘‘ इतनी जल्दी चुनाव पहले कभी नहीं हुआ।’’
खरगे ने इस मौके पर यह भी कहा कि लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद 2019 से रिक्त है। उन्होंने कहा, “हम लोकतंत्र की बात करते हैं, लेकिन उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं कर पाते, इसका क्या मतलब है?”
उन्होंने सरकार से लोकसभा में उपाध्यक्ष के पद को जल्द भरने का आग्रह किया।
द्रमुक की ओर से तिरुचि शिवा ने हरिवंश को बधाई देते हुए कहा कि किसी मनोनीत सदस्य का पहली बार इस पद पर निर्वाचित होना एक उपलब्धि है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह उच्च सदन की पूर्व उपसभापति नजमा हेपतुल्ला के चार कार्यकाल के रिकॉर्ड की बराबरी या उसे पार करेंगे। उन्होंने हरिवंश को “विवेकपूर्ण और योग्य व्यक्ति” बताया।
कई सदस्यों ने तीखी बहस के दौरान संयम बनाए रखने की हरिवंश की क्षमता की सराहना की।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सुभाष चंद्र बोस पिल्ली ने कहा कि हरिवंश ने सदन में गहरे मतभेद के बावजूद कार्यवाही को सुव्यवस्थित रखा।
अन्नाद्रमुक के एम. थंबीदुरई ने कहा कि किसी भी पीठासीन अधिकारी की सफलता सदस्यों की भावनाओं को समझने में निहित होती है।
राजद नेता मनोज झा ने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के साथ हरिवंश के संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका पुनर्निर्वाचन उस दिन हुआ है जब पूर्व प्रधानमंत्री की जन्मशती है। उन्होंने छोटे दलों को बोलने के पर्याप्त अवसर देने का आग्रह किया।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने हरिवंश को बधाई देते हुए उनकी समाजवादी विचारधारा को डॉ. बी. आर. आंबेडकर और राम मनोहर लोहिया की विरासत से जोड़ा और चर्चा में छोटे दलों को अधिक समय देने की मांग की।
अन्य सदस्यों ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त किए। जद (यू) के संजय झा ने हरिवंश के लंबे राजनीतिक संबंधों का उल्लेख किया, जबकि बीआरएस के वद्दिराजू रविचंद्र ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एमपीलैड्स) को बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये करने का सुझाव दिया।
माकपा सदस्य जॉन ब्रिटास ने हरिवंश की पत्रकारिता पृष्ठभूमि और सदन की गरिमा बनाए रखने की उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए निलंबित सदस्यों की वापसी के उनके प्रयासों का जिक्र किया।
बीजद के मानसरंजन मंगराज, राकांपा का प्रफुल्ल पटेल, नेशनल कॉन्फ्रेंस के चौधरी मोहम्मद रमजान, झामुमो के डॉ सरफराज अहमद, जद(एस) के एच डी देवेगौड़ा, माकपा के पी संदोष कुमार, आईयूएमएल के अब्दुल वहाब, शिवसेना के मिलिंद मुरली देवरा, शिवसेना (उबाठा) के संजय राउत, आरएलएम के उपेन्द्र कुशवाहा, तेदेपा के मस्तान राव यादव बीधा, आम आदमी पार्टी के संदीप पाठक और राघव चड्ढा, असम गण परिषद के वीरेंद्र प्रसाद बैश्य तथा केसी (एम) सदस्य जोस के मणि ने भी अपनी ओर से तथा अपनी अपनी पार्टी की ओर से हरिवंश को बधाई दी।
पत्रकारिता से राजनीति में आए हरिवंश का यह उपसभापति के रूप में तीसरा कार्यकाल है। उच्च सदन में उन्हें निर्विरोध निर्वाचित किया गया।
राज्यसभा के उपसभापति का पद हरिवंश का उच्च सदन में कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त होने के बाद रिक्त हो गया था। इसके बाद उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए मनोनीत किया। हरिवंश ने 10 अप्रैल को उच्च सदन की सदस्यता की शपथ ली।
केंद्रीय मंत्री और सदन के नेता जे. पी. नड्डा ने हरिवंश को राज्यसभा का उपसभापति निर्वाचित किए जाने के लिए पहला प्रस्ताव पेश किया, जिसका समर्थन एस फांग्नोन कोन्यक ने किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने हरिवंश को उपसभापति के पद पर उनके निर्वाचन पर बधाई दी।
भाषा मनीषा माधव
माधव

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