कर्नाटक के मराठी भाषी क्षेत्रों को महाराष्ट्र में शामिल करने की मांग को लेकर एमईएस-शिवसेना का धरना

कर्नाटक के मराठी भाषी क्षेत्रों को महाराष्ट्र में शामिल करने की मांग को लेकर एमईएस-शिवसेना का धरना

कर्नाटक के मराठी भाषी क्षेत्रों को महाराष्ट्र में शामिल करने की मांग को लेकर एमईएस-शिवसेना का धरना
Modified Date: December 4, 2023 / 06:29 pm IST
Published Date: December 4, 2023 6:29 pm IST

बेलगावी, चार दिसंबर (भाषा) महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के शिनोली में महाराष्ट्र एकीकरण समिति के सदस्यों ने शिवसेना (यूबीटी) के सहयोग से कर्नाटक के मराठी भाषी क्षेत्रों को प्रदेश में शामिल किये जाने की मांग करते हुये धरना दिया। समिति के एक नेता ने यह जानकारी दी।

संगठन का यह धरना इस सीमाई जिले में ऐसे समय में हुआ है, जब कर्नाटक विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरूआत हुयी है।

एमईएस कर्नाटक के कई मराठी भाषी क्षेत्रों और गांवों को माराष्ट्र में मिलाने की मांग कर रही है।

एमईएस के संयोजक सूरज कंबरकर ने बताया, ‘‘हम बेलगावी में प्रदर्शन नहीं कर सके, क्योंकि पुलिस ने हमें अनुमति देने से इनकार कर दिया था, लेकिन हमने महाराष्ट्र के शिनोली में विरोध प्रदर्शन किया।’’

उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन स्थल पर महाराष्ट्र समर्थक नारे लगाए और मांग की कि महाराष्ट्र की सीमा से लगे बेलगावी में ‘सुवर्ण विधान सौध’ में चल रहे विधानसभा सत्र को तुरंत रोका जाए, जहां सरकार शीतकालीन सत्र आयोजित करती है।

कंबरकर ने बताया कि उन्होंने केंद्र से मामले में हस्तक्षेप करने और कर्नाटक में पर्याप्त मराठी आबादी वाले बेलगावी जिले और उसके पड़ोसी जिलों के कुछ क्षेत्रों को महाराष्ट्र में शामिल करने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया ।

मौजूदा विधानसभा सत्र के मद्देनजर ‘सुवर्ण विधान सौध’ के आसपास कम से कम एक किलोमीटर तक दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू कर दी गई है तथा उसके (सुवर्ण विधान सौध के) आसपास कम से कम 5,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है ।

भाषा रंजन दिलीप

दिलीप


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