रूस के उप प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के एजेंडे में पश्चिम एशिया संघर्ष, द्विपक्षीय संबंध शीर्ष पर

रूस के उप प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के एजेंडे में पश्चिम एशिया संघर्ष, द्विपक्षीय संबंध शीर्ष पर

रूस के उप प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के एजेंडे में पश्चिम एशिया संघर्ष, द्विपक्षीय संबंध शीर्ष पर
Modified Date: April 1, 2026 / 09:06 pm IST
Published Date: April 1, 2026 9:06 pm IST

नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मांतुरोव बृहस्पतिवार को भारत की दो दिवसीय यात्रा पर नयी दिल्ली आएंगे। इस दौरान वह भारतीय नेताओं के साथ द्विपक्षीय संबंधों का जायजा लेने के साथ ही पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के प्रभावों पर चर्चा करेंगे।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मांतुरोव राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल, विदेश मंत्री एस जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ अलग-अलग बातचीत करेंगे।

मंत्रालय के अनुसार, द्विपक्षीय ढांचे के तहत डोभाल और मांतुरोव के रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत-रूस संबंधों पर चर्चा करने की उम्मीद है।

मांतुरोव की भारत यात्रा नयी दिल्ली के रूस से पांच एस-400 वायु रक्षा प्रणालियों की एक नयी खेप की खरीद को मंजूरी देने के कुछ दिनों बाद होगी। यह मंजूरी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान एस-400 वायु रक्षा प्रणालियों के शानदार प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में दी गई है।

मांतुरोव की भारत यात्रा के दौरान दोनों पक्षों के बीच पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वैश्विक अर्थव्यवस्था, खासतौर पर ऊर्जा क्षेत्र पर इसके प्रभाव को लेकर विचारों का आदान-प्रदान करने की भी संभावना है।

बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष पिछले साल दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शिखर वार्ता में लिए गए फैसले के कार्यान्वयन की भी समीक्षा करेंगे।

मोदी और पुतिन के बीच बातचीत के बाद भारत और रूस ने कई उपायों की घोषणा की, जिसमें एक मजबूत आर्थिक साझेदारी कायम करने और 2030 तक सालाना व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने के लिए पांच साल की रूपरेखा शामिल है।

भाषा पारुल देवेंद्र

देवेंद्र


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