एलपीजी संकट के कारण ईद एवं चुनाव से पहले ही केरल से प्रवासी श्रमिकों का पलायन

एलपीजी संकट के कारण ईद एवं चुनाव से पहले ही केरल से प्रवासी श्रमिकों का पलायन

एलपीजी संकट के कारण ईद एवं चुनाव से पहले ही केरल से प्रवासी श्रमिकों का पलायन
Modified Date: March 14, 2026 / 11:27 am IST
Published Date: March 14, 2026 11:27 am IST

कोच्चि, 14 मार्च (भाषा) एलपीजी संकट की वजह से समूचे केरल में बड़े पैमाने पर रेस्तरां और होटल के बंद होने के कारण प्रवासी श्रमिक ईद और कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले ही अपने मूल स्थानों पर लौट रहे हैं।

रमजान का महीना खत्म होने को है और पश्चिम बंगाल एवं असम में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

रेस्तरां और होटल संचालक अन्य राज्यों से आए अपने कर्मचारियों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि अगर प्रवासी श्रमिक अभी चले गए तो वे शायद चुनाव के बाद ही वापस लौटेंगे।

केरल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (केएचआरए) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जी जयपाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पश्चिम बंगाल और असम के प्रवासी श्रमिकों के अपने-अपने राज्यों में चुनाव से एक सप्ताह पहले ही अपने घर जाने की संभावना है।

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, एलपीजी संकट के कारण होटल और रेस्तरां बंद हो रहे हैं जिससे प्रवासी श्रमिक अपने मूल स्थानों पर जल्दी लौटना शुरू कर देंगे। वे चुनाव के बाद ही लौटेंगे। साथ ही, अगले सप्ताह ईद होगी और रेस्तरां में काम करने वाले लोग यहां काम की कमी के कारण अपने राज्यों में लौटना शुरू कर देंगे।’’

जयपाल ने कहा कि रेस्तरां संचालक खाना पकाने के वैकल्पिक ईंधन तलाश रहे हैं साथ ही वे कर्मचारियों को इस उम्मीद में जल्दी घर जाने से रोकने की भी कोशिश कर रहे हैं कि एलपीजी संकट जल्द हल हो जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘होटलों और रेस्तरां में काम करने वाले अधिकतर कर्मचारी प्रवासी श्रमिक हैं। रेस्तरां उन्हें यहीं रोक कर रखना चाहते हैं। हालांकि, छोटे स्तर के रेस्तरां संचालकों के लिए अपने प्रतिष्ठान बंद होने पर कर्मचारियों को रोककर रखना मुश्किल हो जाता है।’’

प्रवासी श्रमिकों की आवाजाही पर बारीकी से नजर रखने वाले ‘सेंटर फॉर माइग्रेशन एंड इंक्लूसिव डेवलपमेंट’ (सीएमआईडी) के बिनॉय पीटर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि केरल के प्रवासी कार्यबल का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा असम और पश्चिम बंगाल राज्यों से आता है, जहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘होटल बंद होने के कारण आतिथ्य क्षेत्र में काम करने वाले प्रवासी श्रमिक अपने पैतृक स्थानों की ओर लौटने लगे हैं। रेस्तरां बंद होने के अलावा, रमजान और पश्चिम बंगाल एवं असम में होने वाले चुनाव के कारण भी लोग अपने पैतृक स्थानों की ओर जा रहे हैं। इन राज्यों के लिए आरक्षित ट्रेनों के टिकट पहले से ही प्रतीक्षा सूची में हैं।’’

भाषा सुरभि सिम्मी

सिम्मी


लेखक के बारे में