सीईटी के दौरान जनेऊ हटाए जाने की मंत्री दिनेश गुंडू राव ने की निंदा
सीईटी के दौरान जनेऊ हटाए जाने की मंत्री दिनेश गुंडू राव ने की निंदा
बेंगलुरु, 25 अप्रैल (भाषा) केसीईटी परीक्षा के दौरान कथित तौर पर जनेऊ और अन्य धार्मिक प्रतीकों को हटाए जाने को लेकर विवाद शनिवार को तेज हो गया। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने इस कृत्य की निंदा करते हुए इसे ‘‘अमानवीय’’ बताया और विश्व हिंदू परिषद ने धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मदिवाला स्थित कृपानिधि कॉलेज में हुई घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार ने मामले का संज्ञान लिया है और पारदर्शी तरीके से कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
राव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “छात्र-छात्राओं को कान की बालियां, चूड़ियां, हिजाब या जनेऊ उतारने के लिए कहना और यहां तक कि कैंची से उनकी आस्तीनें काटकर उनका मनोबल गिराना एक अमानवीय कृत्य है, जो अस्वीकार्य और निंदनीय है।”
उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों को छात्रों के ज्ञान का परीक्षण करना चाहिए, न कि उनकी गरिमा को ठेस पहुंचानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएगी।
मंत्री ने प्रभावित छात्रों से आत्मविश्वास न खोने का आग्रह करते हुए कहा कि सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
इस बीच, विश्व हिंदू परिषद, कर्नाटक दक्षिण ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि इससे हिंदू समुदाय के धार्मिक अधिकारों और आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है।
संगठन ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘सीईटी परीक्षा के दौरान छात्रों द्वारा अपने जनेऊ उतारने और काटने की घटना ने हिंदू समुदाय के धार्मिक अधिकारों, संस्कृति और आत्मसम्मान का उल्लंघन किया है।’’
पवित्र जनेऊ को धार्मिक विरासत और गरिमा का प्रतीक बताते हुए संगठन ने कहा, ‘‘समाज ऐसे किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं करेगा जो इसका अपमान करता हो।’’
संगठन ने यह भी कहा कि पिछले साल भी राज्य में इसी तरह की घटनाएं हुई थीं और इसकी पुनरावृत्ति ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय’’ है।
इसने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज कल्याण को नुकसान पहुंचा रही हैं और कुछ स्कूल तथा कॉलेज हिंदू समाज के प्रति घृणा को बढ़ावा दे रहे हैं।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र पर तैनात निरीक्षकों ने उनसे सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईटी) के दौरान धार्मिक चिह्न हटाने को कहा, जिनमें जनेऊ भी शामिल था।
इस घटना के बाद, एक निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया और पुलिस ने पूछताछ के लिए तीन कर्मचारियों को हिरासत में लिया। सीईटी परीक्षा राज्य भर में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।
भाषा अमित नेत्रपाल
नेत्रपाल

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