‘भारत जोड़ो यात्रा’ से मोदी सरकार घबराई, रुकावट पैदा करने के प्रयास में : खरगे

‘भारत जोड़ो यात्रा’ से मोदी सरकार घबराई, रुकावट पैदा करने के प्रयास में : खरगे

‘भारत जोड़ो यात्रा’ से मोदी सरकार घबराई, रुकावट पैदा करने के प्रयास में : खरगे
Modified Date: December 23, 2022 / 06:14 pm IST
Published Date: December 23, 2022 6:14 pm IST

नयी दिल्ली, 23 दिसंबर (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को दावा किया कि नरेंद्र मोदी सरकार राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रही ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से घबरा गई है जिसके चलते वह इसे कोई न कोई बहाना बनाकर रोकना चाहती है।

उन्होंने पार्टी के प्रस्तावित ‘हाथ से हाथ जोड़ो’ अभियान की तैयारियों के संदर्भ में बुलाई गई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की बैठक में यह टिप्पणी की।

खरगे ने इस बैठक में एक बार फिर से संगठन में ऊपर से लेकर नीचे तक जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात दोहराई और यह भी कहा कि नियुक्तियों में नेताओं के प्रदर्शन को पैमाना माना जाना चाहिए और यह देखना चाहिए कि इससे पार्टी को फायदा होता हो।

उन्होंने ‘भारत जोड़ो’ यात्रा का उल्लेख करते हुए यह भी कहा, ‘‘राहुल जी इतिहास रचने जा रहे हैं। कल भारत जोड़ो यात्रा दिल्ली पहुंचेगी। जनता से इस यात्रा को अपार समर्थन मिल रहा है। इस कारण मोदी सरकार बुरी तरह घबराने लगी है और किसी बहाने से वह यात्रा में रुकावट पैदा करना चाहती है।’’

खरगे ने नेताओं से कहा, ‘‘राहुल जी की इस मेहनत ने लोगों में जागरुकता पैदा की है। हमें उसे अगले मुक़ाम पर ले कर जाना है । हमें जनता से संवाद जारी रखना है। उन्हें निरन्तर अपने साथ जोड़े रखना है । “हाथ से जोड़ो हाथ” अभियान उसी का हिस्सा है।’’

कांग्रेस ने फैसला किया है कि आगामी 26 जनवरी से देश भर में ‘हाथ से हाथ जोड़ो’ अभियान शुरू किया जाएगा, जिसके तहत ब्लॉक, पंचायत और बूथ के स्तर पर लोगों से संपर्क साधा जाएगा।

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने गत चार दिसंबर को पार्टी की संचालन समिति की बैठक में बताया था कि दो महीने तक चलने वाले ‘हाथ से हाथ जोड़ो’ अभियान’ में राहुल गांधी का पत्र भी लोगों को सौंपा जाएगा, जिसमें ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का संदेश होगा तथा उसके साथ नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ आरोप पत्र भी संलग्न होगा।

उन्होंने कहा था कि पार्टी की ओर से ‘महिला मार्च’ भी निकाला जाएगा, जिसकी अगुवाई प्रियंका गांधी वाद्रा करेंगी।

भाषा हक

हक मनीषा

मनीषा


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