राष्ट्रपति के रूप में मुखर्जी का देश के नाम आखिरी संबोधन, सांस्कृतिक विविधता भारत को खास बनाती है

राष्ट्रपति के रूप में मुखर्जी का देश के नाम आखिरी संबोधन, सांस्कृतिक विविधता भारत को खास बनाती है

राष्ट्रपति के रूप में मुखर्जी का देश के नाम आखिरी संबोधन, सांस्कृतिक विविधता भारत को खास बनाती है
Modified Date: November 29, 2022 / 08:26 pm IST
Published Date: July 24, 2017 4:12 pm IST

 

अपने कार्यकाल के आखिरी दिन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने देश को संबोधित किया, उन्होने कहा कि मैं देश के लोगों के इतने प्यार के लिए हमेशा उनका आभारी रहूंगा….उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विविधता भारत को खास बनाती है. लेकिन देश में बढ़ रही हिंसा पर उन्हांेने चिंता जताते हुए कहा कि देश को एक बार फिर से अहिंसा का पाठ पढ़ाने की जरूरत है….रविवार को भी हुए अपने विदाई समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कई मुद्दों पर बात की थी. उन्होंने कहा था मैंने अपने जीवन में बहुत कुछ सीखा है. मेरे करियर को इंदिरा गांधी ने दिशा दी. मुझे इस लोकतंत्र के मंदिर ने तैयार किया है. जो देश की एकता संविधान का आधार है वहीं उन्होने बताया था कि जीएसटी पास होना परिपक्व लोकतंत्र की निशानी है जबकि संसद में बिना बहस के पास हुआ बिल जनता के साथ धोखा है।


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