भाजपा के शासन की वजह से नगर निगम ‘अभूतपूर्व संकट’ का सामना कर रहे हैं: सिसोदिया

भाजपा के शासन की वजह से नगर निगम 'अभूतपूर्व संकट' का सामना कर रहे हैं: सिसोदिया

भाजपा के शासन की वजह से नगर निगम ‘अभूतपूर्व संकट’ का सामना कर रहे हैं: सिसोदिया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:02 pm IST
Published Date: June 2, 2021 11:36 am IST

नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को आरोप लगाया कि शहर के नगर निगम ‘अभूतपूर्व संकट’ का सामना कर रहे हैं और निगमों में सत्तारूढ़ भाजपा के ‘भ्रष्टाचार और विफलताओं’ के कारण वे दयनीय स्थिति में आ गए हैं।

ऑनलाइन ब्रीफिंग में सिसोदिया ने भाजपा के शासन वाले नगर निकायों पर हमला करते हुए कहा कि निगमों की मौजूदा स्थिति के लिए सत्ताधारी पार्टी जिम्मेदारी है।

उपमुख्यमंत्री ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) के संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा की गई टिप्पणियों को रेखांकित किया। उच्च न्यायालय ने कर्मचारियों के वेतन और सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन का भुगतान न करने के मुद्दे की पड़ताल करने के लिए एनडीएमसी से संपत्ति और बैंक जमा की सूची मांगी है।

उच्च न्यायालय ने चेतावनी भी दी है कि अब वह नगर निकाय की संपत्तियों को कुर्क करना शुरू कर देगा क्योंकि कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मचारी वेतन और पेंशन के लिए निरंतर इंतजार नहीं कर सकते।

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को 2012 में तीन हिस्सों में बांट कर उत्तर, दक्षिण और पूर्वी दिल्ली नगर निगम बनाए गए थे। तीनों निगमों पर एक दशक से भाजपा का शासन है।

सिसोदिया ने कहा कि नगर निगम एक ‘अभूतपूर्व संकट’ का सामना कर रहे हैं और एक ‘दयनीय स्थिति’ में पहुंच गए हैं।

उन्होंने कहा कि उनकी स्थिति इतनी खराब हो गई है कि अब उन्हें अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए संपत्तियां बेचनी पड़ेंगी।

उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, “और इस हालत का एकमात्र कारण सत्तारूढ़ भाजपा का भ्रष्टाचार और विफलताएं हैं।”

इससे पहले दिन में, दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने आरोप लगाया गया था कि ‘आप’ सरकार ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ की वजह से निगमों को आर्थिक रूप से ‘पंगू’ कर रही है।

सिसोदिया ने कहा कि इससे पहले कि लोग भाजपा को चुनाव में निगमों की सत्ता से बेदखल कर दें, उसे खुद इनका शासन छोड़ देना चाहिए।

भाषा

नोमान नरेश

नरेश


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