नाबालिग की हत्या: पीड़ित के परिवार ने शव को सड़क पर रख प्रदर्शन किया
नाबालिग की हत्या: पीड़ित के परिवार ने शव को सड़क पर रख प्रदर्शन किया
नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) दिल्ली के एक रेस्तरां में 17 वर्षीय लड़के की गोली मारकर हत्या के मामले में अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पीड़ित के परिजनों ने मंगलवार को छतरपुर में शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों सड़क पर जाम लगाया। स्थित के मद्देनजर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
लड़के को पिछले 26 मई को गोली मार दी गई और एक हफ्ते तक कोमा में रहने के बाद उसकी सोमवरा को मौत हो गई।
उसके पिता ने मंगलवार को कहा कि उनके बेटे कि सिर में इसलिए गोली मार दी गई क्योंकि उसने कुछ लोगों द्वारा एक लड़की के साथ की जा रही बदसलूकी का विरोध किया और उसे बचाने की कोशिश की।
उन्होंने पूछा कि ‘क्या लड़की को बचाना अपराध है?’
आंसू रोकने की कोशिश करते हुए पिता ने आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की।
उन्होंने कहा, ‘हम सबसे सख्त कार्रवाई चाहते हैं। आरोपियों के परिवार को हमारा दर्द तभी समझ आएगा जब न्याय मिलेगा।’
छतरपुर में किशोर का शव घंटों तक सड़क पर रखा रहा और परिवार के सदस्यों और स्थानीय निवासियों ने धरना दिया और हत्या में शामिल सभी लोगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई का आश्वासन मिलने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। बड़ी संख्या में महिलाओं सहित हजारों निवासी शव के आसपास जमा हो गए और नारे लगाते हुए न्याय की मांग करते रहे।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बार-बार परिवार के सदस्यों से बात करते और उन्हें अंतिम संस्कार करने का आग्रह करते देखे गए।
भावनात्मक माहौल के बीच पुलिस और पीड़ित परिवार के बीच एक बड़ा गतिरोध उत्पन्न हो गया। दिन भर कई दौर की बातचीत हुई, जिसमें अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि सभी आरोपियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा और मामले को मजबूत करने के प्रयास जारी हैं।
विरोध प्रदर्शन के चलते दक्षिण दिल्ली के कुछ हिस्सों में यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। पुलिस ने इलाके की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेड लगा दिए और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया। प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़क के कुछ हिस्सों पर कब्जा करने के कारण कई जगहों पर यातायात बाधित रहा।
जब शव सड़क पर रखा था, तब आसपास की कॉलोनियों के निवासी विरोध स्थल पर लगातार आते रहे। बड़ी संख्या में महिलाएं भी अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए एकत्रित हुईं, जबकि कई स्थानीय लोगों ने हत्या पर आक्रोश व्यक्त किया।
किशोर की दादी ने सवाल किया कि उनके पोते की जान क्यों गई।
उन्होंने कहा, ‘क्या आप आज हमारे साथ खड़े लोगों का विशाल जनसमूह देख सकते हैं? वे यहां इसलिए हैं क्योंकि वह सभी का प्रिय था। वह सबकी परवाह करते थे, लेकिन आज वह जीवित नहीं हैं क्योंकि कुछ लोगों ने, जिनके पास बंदूकें थीं, उनके सिर में गोली मार दी।’
स्थानीय लोगों ने किशोर को हंसमुख छात्र बताया जो इलाके में काफी लोकप्रिय था। पीड़ित की चाची ने कहा कि परिवार ने उसे बहुत प्यार से पाला था और पिछले एक सप्ताह से उसके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे थे।
पीड़ित की चाची ने कहा “हमने उसे अपने बच्चे की तरह पाला, स्कूल भेजा और उसे एक अच्छा जीवन देने के लिए हर संभव प्रयास किया। आज वह हमारे बीच नहीं है। उसकी मां के दर्द की कल्पना कीजिए। वह उसका इकलौता बेटा था। जब वह जीवन के लिए संघर्ष कर रहा था, तब उसकी मां घंटों प्रार्थना करती रही।”
महिला ने बताया कि परिवार ने कई दिनों तक चमत्कार की उम्मीद में प्रार्थना की, लेकिन उसका शव एम्बुलेंस में वापस लाया गया।
उन्होंने कहा, ‘अब जब वह हमें छोड़कर चला गया है, तो हम उसके लिए न्याय चाहते हैं। जिसने भी उसकी जान ली है, उसे कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। हमने सब कुछ खो दिया है, और उसे वापस लाने का कोई रास्ता नहीं है।’
परिवार के कुछ सदस्यों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई।
जनता के बढ़ते आक्रोश के बीच, एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मुख्य आरोपी नाबालिग है और उसपर जघन्य अपराधों से संबंधित प्रावधानों के तहत बालिग की तरह मुकदमा चलाने के प्रयास जारी हैं।
अधिकारी ने कहा,“कानून में यह प्रावधान है कि जघन्य अपराधों से जुड़े मामलों में नाबालिग पर बालिग की तरह मुकदमा चलाया जा सकता है। हम इस मामले में मुख्य आरोपी पर बालिग की तरह मुकदमा चलाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।”
घंटों के विरोध और बातचीत के बाद, परिवार अंतिम संस्कार करने के लिए सहमत हो गया। बाद में किशोर का अंतिम संस्कार छतरपुर श्मशान घाट में हुआ।
परिवार के सदस्यों ने कहा कि वे बुधवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलेंगे और मामले की शीघ्र सुनवाई की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि वे अधिकारियों से अनुरोध करेंगे कि मामले की कार्यवाही त्वरित अदालत में की जाए ताकि न्याय में कोई देरी न हो।
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के अमर कॉलोनी इलाके के एक रेस्तरां में 26 मई को किशोर 12वीं कक्षा की परीक्षा देने के बाद अपनी महिला मित्र के साथ बैठा था। इस दौरान अन्य समूह से कहासुनी के बाद एक लड़के ने उसके सिर में गोली मार दी थी। लगभग एक सप्ताह तक वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहने के बाद सोमवार को एम्स ट्रॉमा सेंटर में किशोर ने दम तोड़ दिया।
परिवार के सदस्यों ने कहा कि जब कुछ युवकों ने नाबालिग के साथ आई लड़की के साथ दुर्व्यवहार किया तो उसने आपत्ति जताई। उन्होंने दावा किया कि आरोपी बाद में पिस्तौल लेकर लौटा, उस पर हमला किया और उसके सिर में गोली मार दी।
शुरू में हत्या के प्रयास का इस मामला दर्ज किया गया था और इसे अपराध शाखा को सौंप दिया गया और लड़के की मौत के बाद प्राथमिकी में हत्या की धारा भी जोड़ ली गई है। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी नाबालिग समेत तीन लोगों को पकड़ लिया गया है।
एक अधिकारी ने बताया, ‘चौथा संदिग्ध अब भी फरार है, लेकिन जल्द ही उसकी गिरफ्तारी की उम्मीद है। घटना में इस्तेमाल किया गया हथियार और वाहन बरामद कर जब्त कर लिया गया है।’
इस मामले में पुलिस ने 28 मई को 16 वर्षीय संदिग्ध शूटर को हिरासत में ले लिया और उसके पास से एक स्वचालित पिस्तौल बरामद की गई। पुलिस ने एक अन्य आरोपी, जय कुमार को भी गिरफ्तार किया।
भाषा नोमान नोमान माधव
माधव

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