भारत के साथ शांतिपूर्ण संबंधों के लिए आपसी सम्मान एवं मुद्दों का सौहार्दपूर्ण समाधान जरूरी: वाराइच
भारत के साथ शांतिपूर्ण संबंधों के लिए आपसी सम्मान एवं मुद्दों का सौहार्दपूर्ण समाधान जरूरी: वाराइच
नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) पाकिस्तान और भारत के बीच शांतिपूर्ण संबंध केवल समानता, आपसी सम्मान और सभी विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के आधार पर ही स्थापित किए जा सकते हैं। यह बात भारत में पाकिस्तान के उच्चायोग प्रभारी साद अहमद वाराइच ने सोमवार को यहां कही।
वाराइच ने पाकिस्तान दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कश्मीर मुद्दा उठाया और इस पर ‘उचित समाधान’ की मांग की।
सोमवार को नयी दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में पाकिस्तान दिवस मनाया गया।
उच्चायोग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, चांसरी लॉन में आयोजित समारोह के दौरान वाराइच ने पाकिस्तानी राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
बयान में वाराइच के हवाले से कहा गया है कि पाकिस्तान और भारत के बीच शांतिपूर्ण संबंध ‘केवल समानता, आपसी सम्मान और सभी विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के आधार पर ही स्थापित किए जा सकते हैं।’
उन्होंने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र के संबंधित प्रस्तावों और कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप जम्मू कश्मीर मुद्दे का उचित समाधान इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।’
भारत का कहना है कि वह पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी संबंध चाहता है, साथ ही इस बात पर भी जोर देता रहा है कि ऐसे संबंधों के लिए आतंकवाद और शत्रुता से मुक्त वातावरण बनाना इस्लामाबाद की जिम्मेदारी है।
नयी दिल्ली ने यह भी स्पष्ट किया है कि संपूर्ण जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और पाकिस्तान केंद्र शासित प्रदेश के कुछ हिस्सों पर अवैध रूप से कब्जा किए हुए है।
वाराइच ने कहा कि 23 मार्च 1940 का लाहौर प्रस्ताव ‘‘उपमहाद्वीप के मुसलमानों के लिए अपने अलग देश के लिए प्रयास करने का मार्गदर्शक बना।”
उन्होंने कहा कि मुहम्मद अली जिन्ना के नेतृत्व में, ‘यह सामूहिक आकांक्षा’ मात्र सात वर्षों के भीतर पाकिस्तान की स्थापना में साकार हुई।
स्वतंत्रता आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वाराइच ने इस बात पर जोर दिया कि उनका ‘महान बलिदान राष्ट्र के लिए एक जीवंत प्रेरणा का स्रोत है’ ताकि स्वतंत्रता के अनमोल उपहार को संजोया जा सके और देश की प्रगति और समृद्धि के लिए अथक प्रयास किए जा सकें।’’
उन्होंने कहा, ‘पूरी दुनिया पाकिस्तान के अपनी संप्रभुता और स्वतंत्रता को संरक्षित और सुरक्षित रखने के अटूट संकल्प की साक्षी है। पाकिस्तान की स्थापित प्रतिरोधक क्षमता न केवल दक्षिण एशिया में स्थिरता का कारक है, बल्कि क्षेत्रीय शांति की गारंटी भी है।’
उच्चायोग के अधिकारी और कर्मचारी अपने परिवारों के साथ इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।
बयान में कहा गया है कि इस अवसर पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उप प्रधानमंत्री के संदेश पढ़े गए।
भाषा अमित नरेश
नरेश

Facebook


