राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने ‘आक्रामक परग्रही प्रजाति’ पर विशेषज्ञ समिति का गठन किया

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने 'आक्रामक परग्रही प्रजाति' पर विशेषज्ञ समिति का गठन किया

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने  ‘आक्रामक परग्रही प्रजाति’ पर विशेषज्ञ समिति का गठन किया
Modified Date: March 21, 2026 / 06:09 pm IST
Published Date: March 21, 2026 6:09 pm IST

नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने देश भर में ‘आक्रामक परग्रही प्रजाति’ से उत्पन्न होने वाले और पारिस्थितिक एवं सामाजिक-आर्थिक जोखिमों से निपटने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

‘आक्रामक परग्रही प्रजाति” ऐसे पौधे, जानवर, सूक्ष्मजीव हैं जो जाने-अनजाने में उनके प्राकृतिक आवास के बाहर बस जाते हैं।

यह निर्णय राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा एनबीए को दिए गए निर्देश के बाद किया आया है। एनजीटी ने स्वतः संज्ञान लेते हुए स्थानीय जैव विविधता, प्रमुख पारिस्थितिक तंत्र और कृषि के लिए ‘आक्रामक परग्रही प्रजाति” के गंभीर खतरों के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा और मानव व वन्यजीव स्वास्थ्य के खतरों को रेखांकित किया था।

समिति को राज्यवार प्राप्त जानकारियों के आधार पर ‘आक्रामक परग्रही प्रजाति” की सूची तैयार करने, ‘उच्च जोखिम वाली प्रजातियों की पहचान और प्राथमिकता तय करने तथा विज्ञान आधारित प्रबंधन रणनीतियों तथा पारिस्थितिक बहाली उपायों की सिफारिश करने’ का दायित्व सौंपा गया है।

भाषा

शुभम माधव

माधव


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