श्रमिक संगठनों के देशव्यापी हड़ताल के आह्वान पर गोवा में मिला-जुला असर

श्रमिक संगठनों के देशव्यापी हड़ताल के आह्वान पर गोवा में मिला-जुला असर

श्रमिक संगठनों के देशव्यापी हड़ताल के आह्वान पर गोवा में मिला-जुला असर
Modified Date: February 12, 2026 / 12:15 pm IST
Published Date: February 12, 2026 12:15 pm IST

पणजी, 12 फरवरी (भाषा) केंद्र की नीतियों के खिलाफ श्रमिक संगठनों द्वारा बृहस्पतिवार को बुलाई गई राष्ट्रव्यापी हड़ताल का गोवा में मिला-जुला असर देखने को मिला, जहां बैंकिंग परिचालन प्रभावित हुआ जबकि आवश्यक सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा।

राज्य में राष्ट्रीयकृत बैंक और कई बीमा कंपनियों के कार्यालय बंद रहे।

‘ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस’ के सचिव सुहास नाइक ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि गोवा के विभिन्न स्थानों पर स्थित औद्योगिक इकाइयां आंशिक रूप से प्रभावित हुई हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘श्रमिक संघों ने हड़ताल के आह्वान के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में काम ठप रखा।’’

नाइक ने कहा कि आवश्यक सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बिना किसी समस्या के सुचारू रूप से चलती रही।’’

इसी बीच, मजदूर संघों के सदस्यों ने राजधानी पणजी में विरोध मार्च निकाला। यह मार्च कदंबा बस स्टैंड के पास से शुरू होकर शहर के आजाद मैदान तक निकाला गया।

श्रमिक संगठनों के एक संयुक्त मंच से जुड़े कर्मचारी एवं श्रमिक केंद्र सरकार की ‘‘मजदूर विरोधी, किसान विरोधी और राष्ट्र विरोधी कॉरपोरेट समर्थक नीतियों को लेकर अपना विरोध’’ दर्शाने के लिए बृहस्पतिवार को एक दिवसीय हड़ताल पर हैं।

श्रमिक संगठनों की तात्कालिक मांगों में चार श्रम संहिताओं एवं नियमों को रद्द करना, बीज विधेयक और विद्युत संशोधन विधेयक तथा ‘सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया’ (शांति) अधिनियम को वापस लेना शामिल है।

श्रमिक संगठन मनरेगा को बहाल करने और ‘विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ को रद्द करने की भी मांग कर रहे हैं। भाषा शुभम शफीक

शफीक


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