नीट का प्रश्न पत्र लीक हो सकता है लेकिन सशस्त्र बलों में ऐसा नहीं होता: राज्यपाल वी के सिंह

नीट का प्रश्न पत्र लीक हो सकता है लेकिन सशस्त्र बलों में ऐसा नहीं होता: राज्यपाल वी के सिंह

नीट का प्रश्न पत्र लीक हो सकता है लेकिन सशस्त्र बलों में ऐसा नहीं होता: राज्यपाल वी के सिंह
Modified Date: May 16, 2026 / 07:01 pm IST
Published Date: May 16, 2026 7:01 pm IST

नयी दिल्ली, 16 मई (भाषा) देश में तीन मई को आयोजित नीट परीक्षा रद्द किए जाने के मद्देनजर मिजोरम के राज्यपाल जनरल वी के सिंह (सेवानिवृत्त) ने शनिवार को कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो सकता है, लेकिन सशस्त्र बलों में ऐसा नहीं होता क्योंकि वहां की व्यवस्थाएं ‘पूरी तरह निष्पक्ष’ हैं।

उन्होंने यहां मानेकशॉ सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये टिप्पणियां कीं। कार्यक्रम में दिल्ली और आसपास के शहरों के विभिन्न स्कूलों के छात्र समेत बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए।

देश में मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए उम्मीदवारों को राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट-स्नातक) देनी होती है। यह परीक्षा तीन मई को आयोजित की गई थी, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों के बाद इसे रद्द कर दिया गया। इसके विरोध में देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए।

हालांकि, सरकार ने 21 जून को पुनः परीक्षा आयोजित करने की घोषणा की है।

जनरल सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा, “नीट का पेपर लीक हो सकता है, लेकिन सेना और वायुसेना में भर्ती से जुड़ी परीक्षाओं में ऐसा नहीं होता। हमने ऐसी प्रणालियां बनाई हैं जो पूरी तरह निष्पक्ष हैं। इससे अधिक निष्पक्ष प्रणाली हो ही नहीं सकती।”

सेना के पूर्व प्रमुख ने कहा कि सशस्त्र बलों की प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों की जांच भी अलग तरीके से की जाती है।

मिजोरम के राज्यपाल ने कहा कि यदि कोई ‘निष्पक्षता, अनुशासन, प्रेरणा और देश के लिए काम करने की इच्छा’ देखना चाहता है, तो वह सेना से बेहतर उदाहरण कहीं और नहीं पा सकता।

यह सत्र ‘यूनिफॉर्म अनवेल्ड’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम ‘सेना संवाद’ के तहत आयोजित किया गया था।

इस दौरान बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) भी मंच पर मौजूद थे।

उन्होंने कहा, “एक सैनिक जानता है कि कोई अधिकारी ऐसा आदेश नहीं देगा जिसे वह स्वयं पूरा न कर सके और एक अधिकारी जानता है कि चाहे कैसी भी परिस्थिति हो, एक जवान कभी उसका साथ नहीं छोड़ेगा। यही विश्वास हमारे सशस्त्र बलों को मजबूत बनाता है और सेना को आगे बढ़ने में मदद करता है।”

भाषा प्रचेता माधव

माधव


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