नये आपराधिक कानून मामलों के त्वरित, निष्पक्ष समाधान करेंगे: सरकार
नये आपराधिक कानून मामलों के त्वरित, निष्पक्ष समाधान करेंगे: सरकार
नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) सरकार ने लोकसभा में कहा कि नये आपराधिक कानूनों में मामलों का त्वरित और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करने के लिए जांच और मुकदमे के विभिन्न चरणों के वास्ते विशिष्ट समयसीमा निर्धारित की गई है।
गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मंगलवार को यह जानकारी दी।
कुमार ने कहा कि नये कानूनों – भारतीय न्याय संहिता, 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 – में मामलों के तेज और निष्पक्ष समाधान पर जोर दिया गया है, जिससे कानून प्रणाली में विश्वास पैदा होता है।
मंत्री ने भाजपा सांसद अनिल बलूनी के एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी, जिन्होंने तीनों कानूनों में प्रक्रियाओं के लिए निर्धारित समय सीमाओं का विवरण मांगा था।
मंत्री ने कहा कि किसी भी मामले में प्रारंभिक जांच 14 दिनों के भीतर पूरी की जानी चाहिए, जबकि आगे की जांच 90 दिनों के भीतर संपन्न होनी चाहिए। प्राथमिकी और संबंधित रिकॉर्ड सहित सभी दस्तावेज पीड़ित और आरोपी दोनों को, 14 दिनों के भीतर उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुकदमे की सुनवाई के लिए 90 दिनों के भीतर कार्यवाही शुरू की जानी है, जबकि आरोप मुक्त करने के संबंध में आवेदनों और आरोप तय करने की प्रक्रिया 60 दिनों के भीतर पूरी की जानी है।
उन्होंने कहा कि फैसले 45 दिनों के भीतर सुनाए जाने हैं, और दया याचिकाओं के लिए भी समय सीमा निर्धारित की गई है – राज्यपाल के समक्ष 30 दिन और राष्ट्रपति के समक्ष 60 दिन।
मंत्री ने यह भी कहा कि अनावश्यक देरी को रोकने और समयबद्ध तरीके से न्याय सुनिश्चित करने के लिए अदालतें अधिकतम दो बार सुनवाई स्थगित कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि न्यायिक कार्यवाही शुरू होने मात्र से ही, सभी मामलों में गिरफ्तारी करना पुलिस के लिए अनिवार्य नहीं है।
भाषा सुभाष अविनाश
अविनाश

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