नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन भगदड़ : उच्च न्यायालय ने रेलवे से नाराजगी जताई
नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन भगदड़ : उच्च न्यायालय ने रेलवे से नाराजगी जताई
नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने पिछले साल नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ से संबंधित मामले में रेलवे द्वारा हलफनामा दाखिल नहीं करने पर बुधवार को अपनी नाराजगी व्यक्त की।
अदालत ने रेलवे को चेतावनी देते हुए कहा कि वह इस मामले को हल्के में नहीं ले और आवश्यक कार्रवाई करे।
नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पिछले साल भगदड़ मच गयी थी जब यात्री महाकुंभ के दौरान प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों में चढ़ने का इंतजार कर रहे थे।
मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने सवाल किया कि अधिकारी इतने ‘लापरवाह’ क्यों हैं और क्या वे किसी अन्य घटना के होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं क्योंकि इस मामले में हलफनामा अब तक दाखिल नहीं किया गया है।
इस मामले में हलफनामा 26 मार्च, 2025 तक दाखिल किया जाना था।
उच्च न्यायालय की पीठ ने रेलवे से नाराजगी जताते हुए कहा, ‘‘अदालत को हल्के में न लें। हमने आपसे हलफनामा दाखिल करने को कहा था। आपने क्या किया? जिस समय यह याचिका दायर की गई थी, उस समय के दबाव से निपटने के लिए देश के सर्वोच्च विधि अधिकारी द्वारा रेलवे की ओर से एक बयान जारी किया गया था। अब एक साल बीत चुका है और आप वह हलफनामा दाखिल नहीं कर पाए हैं। इससे क्या संकेत मिलता है? हमें यह बात पसंद नहीं आई।’’
अदालत ने सामाजिक संगठन ‘अर्थ विधि’ की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की।
याचिका में दावा किया गया है कि 15 फरवरी, 2025 की रात की इस दुखद घटना ने ‘घोर कुप्रबंधन’ और प्रशासन की विफलता को उजागर किया है। इस भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गयी थी और 15 लोग घायल हो गए थे।
भाषा रवि कांत रवि कांत वैभव
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