केरल में बनने वाली नयी यूडीएफ सरकार धर्म आधारित आरक्षण लागू न करे : भाजपा

केरल में बनने वाली नयी यूडीएफ सरकार धर्म आधारित आरक्षण लागू न करे : भाजपा

केरल में बनने वाली नयी यूडीएफ सरकार धर्म आधारित आरक्षण लागू न करे : भाजपा
Modified Date: May 16, 2026 / 10:16 pm IST
Published Date: May 16, 2026 10:16 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 16 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केरल में बनने वाली कांग्रेस-नीत नयी सरकार से शनिवार को अपील की कि वह ‘‘अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण की आड़ में’’ धर्म आधारित आरक्षण लागू न करे और ओबीसी, अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) को मिलने वाले लाभों की रक्षा करे।

भाजपा के प्रदेश नेतृत्व की यहां हुई बैठक में पारित एक राजनीतिक प्रस्ताव में नई सरकार से गरीबों की मदद के उद्देश्य से केंद्र प्रायोजित कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने का आह्वान किया गया और चेतावनी दी गई कि केंद्र से मिलने वाला समर्थन इस बात पर निर्भर करेगा कि प्रशासन पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त रहता है या नहीं।

प्रस्ताव में कहा गया है कि पीएम श्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) योजना, आयुष्मान भारत योजना और पीएम आवास योजना जैसी योजनाओं का उद्देश्य आम लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और आवास संबंधी जरूरतों को पूरा करना है।

इसमें कहा गया, ‘‘ओबीसी आरक्षण की आड़ में लागू धर्म आधारित आरक्षण को पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए। आरक्षण नीति केवल ओबीसी, एससी/एसटी और ईडब्ल्यूएस श्रेणियों तक ही सीमित होनी चाहिए।’’

प्रस्ताव में नयी सरकार से ‘‘राजनीतिक विचारों को दरकिनार करते हुए’’ जनहित में योजनाओं को लागू करने का आह्वान किया गया।

भाजपा ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में अपने प्रदर्शन को ‘‘ऐतिहासिक उपलब्धि’’ बताया और कहा कि तीन सीटों पर उसकी जीत से यह साबित होता है कि पार्टी राज्य में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा)-नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और कांग्रेस-नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के अलावा एक तीसरी राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरी है।

प्रस्ताव में शबरिमला मंदिर स्वर्ण चोरी मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई और केरल के युवाओं को ‘‘धार्मिक चरमपंथी संगठनों और मादक पदार्थ के दुरुपयोग’’ से मुक्त करने के प्रयासों का आह्वान किया गया।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने बैठक को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस में नेतृत्व के फैसले पर जमात-ए-इस्लामी और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) का प्रभाव है।

उन्होंने कांग्रेस नेता वी डी सतीशन को मुख्यमंत्री नामित करने का संदर्भ देते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का फैसला जमात-ए-इस्लामी और मुस्लिम लीग ने किया है।’’

चंद्रशेखर ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और दावा किया कि सतीशन के नेतृत्व वाली नयी सरकार केंद्र की पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के ही रास्ते पर चलेगी।

उन्होंने दावा किया, ‘‘जहां भी कांग्रेस का शासन है, वहां भ्रष्टाचार है। कर्नाटक में जिस तरह का भ्रष्ट शासन देखने को मिल रहा है, वैसा ही यहां भी देखने को मिलेगा।’’

चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह सरकार का कड़ा विरोध करेगी। उन्होंने पिछले महीने संपन्न विधानसभा चुनाव में स्वयं और वी मुरलीधरन तथा बी. बी. गोपकुमार की जीत का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा की चुनावी जीत ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया है कि वह केरल में नहीं जीत सकती।

उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी पिछड़े वर्ग के आरक्षण को धर्म आधारित आरक्षण में तब्दील नहीं होने देगी।

भाजपा के राज्य महासचिव एम टी रमेश ने बैठक के बाद कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) राज्य में ‘‘जनता के सच्चे विपक्ष’’ के रूप में काम करेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘विधानसभा में लोगों के प्रमुख राजनीतिक और आजीविका संबंधी मुद्दों को उठाना भाजपा की जिम्मेदारी है।’’

इस बैठक में केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. राजशेखरन, वी मुरलीधरन, पी के कृष्णदास और के. सुरेंद्रन समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

भाषा धीरज सुरेश

सुरेश


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