न्यायिक अधिकारियों का घेराव: एनआईए ने दो कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया, पार्टी उम्मीदार को छोड़ा
न्यायिक अधिकारियों का घेराव: एनआईए ने दो कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया, पार्टी उम्मीदार को छोड़ा
कोलकाता, 13 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विरोध में स्थानीय लोगों द्वारा न्यायिक अधिकारियों के घेराव के मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने सोमवार को कांग्रेस के दो नेताओं को गिरफ्तार किया, जबकि पार्टी के मोथाबाड़ी उम्मीदवार को रातभर पूछताछ के बाद छोड़ दिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि दो नेता आसिफ शेख और शहादत हुसैन को गिरफ्तार किया गया। वे कांग्रेस उम्मीदवार सायम चौधरी के सहयोगी हैं।
तीनों से रविवार देर रात तक अलग-अलग पूछताछ की गई।
अधिकारी ने बताया, “दोनों नेताओं को फरक्का कस्बे में स्थित एनआईए शिविर में रात भर चली पूछताछ के बाद हिरासत में लिया गया था। कांग्रेस उम्मीदवार सायम चौधरी को आज सुबह पूछताछ के बाद जाने दिया गया।”
उन्होंने कहा, “सायम चौधरी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है और कॉल रिकॉर्ड व संदेशों की जांच की जा रही है।”
उन्होंने कहा कि चौधरी से आगे भी पूछताछ की जा सकती है।
एनआईए कार्यालय से लौटने के बाद, चौधरी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर आरोप लगाया कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया जा रहा है और दावा किया कि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस इस प्रयास के पीछे है।
एनआईए अधिकारियों ने रविवार को इससे पहले मोथाबाड़ी में एक अप्रैल की घटना के सिलसिले में चौधरी को अलीनगर इलाके से हिरासत में लिया था। मोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारियों को बीडीओ कार्यालय के अंदर बंद कर दिया गया था।
इसी मामले में, एनआईए ने इससे पहले मोथाबाड़ी के प्रतापपुर गांव से स्थानीय इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) कार्यकर्ता गुलाम रब्बानी को गिरफ्तार किया था। केंद्रीय एजेंसी द्वारा इस मामले में यह पहली गिरफ्तारी थी।
इससे पहले, अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की पश्चिम बंगाल इकाई ने बागडोगरा हवाई अड्डे से आईएसएफ उम्मीदवार मौलाना शाहजहां अली कादरी और एक प्रमुख आरोपी, एमआईएम नेता मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार किया था।
एनआईए ने पिछले सप्ताह पश्चिम बंगाल के मालदा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित कार्य के लिए तैनात न्यायिक अधिकारियों का स्थानीय लोगों द्वारा घेराव किए जाने की जांच के लिए 12 मामले दर्ज किए। यह कदम उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद उठाया गया।
न्यायालय ने छह अप्रैल को एनआईए को मालदा में सात न्यायिक अधिकारियों के घेराव से संबंधित मामलों को अपने हाथ में लेने का आदेश दिया था।
भाषा
राखी माधव
माधव

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