एनआईए ने बंगाल में एसआईआर को लेकर सड़क जाम करने के मामले में 31 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया

एनआईए ने बंगाल में एसआईआर को लेकर सड़क जाम करने के मामले में 31 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया

एनआईए ने बंगाल में एसआईआर को लेकर सड़क जाम करने के मामले में 31 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया
Modified Date: June 2, 2026 / 09:15 pm IST
Published Date: June 2, 2026 9:15 pm IST

नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) पश्चिम बंगाल के मालदा में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में लगे न्यायिक अधिकारियों को अवैध रूप से रोकने और सड़क जाम करने से जुड़े चार अलग-अलग मामलों में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने 31 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

आरोपपत्र विधानसभा चुनाव से पहले क्षेत्र में हुई घटनाओं से संबंधित विभिन्न डिजिटल/तकनीकी, दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्यों तथा कई गवाहों के बयानों के आधार पर कोलकाता स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दाखिल किया गया है।

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि आरोपपत्रों में प्रत्येक आरोपी की विशिष्ट भूमिका का उल्लेख किया गया है, जिससे मालदा जिले के विभिन्न स्थानों पर एसआईआर में लगे न्यायिक अधिकारियों को अवैध रूप से रोकने तथा सड़क जाम करने की घटनाओं में उनकी संलिप्तता स्पष्ट रूप से स्थापित होती है।

उच्चतम न्यायालय द्वारा स्वतः संज्ञान लेने और निर्देश जारी किए जाने के बाद इन मामलों की जांच अपने हाथ में लेने वाली एजेंसी एनआईए ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से गैरकानूनी जमावड़े में हिस्सा लिया, सड़कों को अवरुद्ध किया, सरकारी अधिकारियों की आवाजाही में बाधा डाली और एसआईआर कार्य में लगे न्यायिक अधिकारियों को गलत तरीके से रोका।

एजेंसी ने कहा कि आरोपियों की इन गतिविधियों से वैधानिक चुनावी प्रक्रिया के संचालन तथा लोक सेवकों द्वारा आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा उत्पन्न हुई।

बयान में कहा गया कि एनआईए ने अपने आरोपपत्रों में स्पष्ट रूप से स्थापित किया है कि आरोपियों ने अपनी गैरकानूनी गतिविधियों के जरिए क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को भी प्रभावित किया।

बयान के अनुसार, एजेंसी इस साजिश तथा संवैधानिक और वैधानिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन करने एवं जनजीवन को प्रभावित करने वाली गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल अन्य फरार आरोपियों और संदिग्धों की पहचान, तलाश और अभियोजन के लिए जांच जारी रखे हुए है।

भाषा अमित अविनाश

अविनाश


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