राज्यपाल की कोई जरूरत नहीं: द्रमुक नेता कनिमोई
राज्यपाल की कोई जरूरत नहीं: द्रमुक नेता कनिमोई
चेन्नई, आठ मई (भाषा) तमिलनाडु में खंडित जनादेश के बाद सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता के बीच द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की वरिष्ठ नेता कनिमोई ने शुक्रवार को राज्यपाल पद के प्रति पार्टी विरोधी रुख को दोहराया।
कनिमोई ने ‘पीटीआई-वीडियो’ के साथ बातचीत में कहा कि वर्तमान राजनीतिक स्थिति के दौरान संबंधित विषय के संवैधानिक औचित्य पर उठ रहे सवालों के मद्देनजर राज्यपाल पद को समाप्त करने की द्रमुक की मांग नहीं बदलेगी।
उन्होंने कहा, “हमारा यह रुख है कि हमें राज्यपाल की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है और द्रमुक का यह रुख कभी नहीं बदलेगा।”
कनिमोई ने चुनाव परिणामों के बाद राज्यपाल के कदम, विशेष रूप से सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने में देरी के बारे में पूछे जाने पर राज्यपाल पद और राज्य के राजनीतिक हितों के बीच ‘‘अंतर्निहित टकराव’’ की ओर इशारा किया।
उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति ‘‘कई सवाल खड़े करती है’’ और संवैधानिक प्रक्रियाओं के संबंध में आत्मावलोकन की आवश्यकता है।
कनिमोई ने चुनाव परिणामों को ‘‘स्पष्ट जनादेश’’ का अभाव बताया।
उन्होंने इसे राज्य में राजनीतिक अनिश्चितता का मुख्य कारण करार दिया। द्रमुक की वरिष्ठ नेता ने कहा, “जनता का फैसला सर्वोपरि है और यह जनादेश निर्णायक नहीं है, फिर भी इसका सम्मान किया जाना चाहिए।’’
थूथुकुडी से सांसद ने किसी भी दल को निर्णायक बहुमत न मिलने को सरकार के गठन में जारी देरी और ‘‘कई भ्रमों’’ का कारण बताया।
उन्होंने राज्य में स्थिर सरकार बनवाने में मदद के लिए द्रमुक द्वारा ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) को बाहर से समर्थन दिए जाने की अटकलों को सिरे से खारिज किया।
कनिमोई ने कहा कि ऐसी खबरें महज महज ‘‘अटकलें’’ और ‘‘अफवाह’’ हैं। उन्होंने कहा, “हम हर अफवाह का जवाब नहीं दे सकते।”
भाषा जितेंद्र नेत्रपाल
नेत्रपाल

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