प्रधानमंत्री आवास के पास की झुग्गी-झोपड़ियों के निवासियों को हटाने पर रोक नहीं : अदालत

प्रधानमंत्री आवास के पास की झुग्गी-झोपड़ियों के निवासियों को हटाने पर रोक नहीं : अदालत

प्रधानमंत्री आवास के पास की झुग्गी-झोपड़ियों के निवासियों को हटाने पर रोक नहीं : अदालत
Modified Date: May 11, 2026 / 09:35 pm IST
Published Date: May 11, 2026 9:35 pm IST

नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को लोक कल्याण मार्ग के पास स्थित तीन झुग्गी बस्तियों – भाई राम कैंप, डीआईडी ​​कैंप और मस्जिद कैंप – के निवासियों को बेदखल करने के मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। लोक कल्याण मार्ग पर ही प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास स्थित है।

न्यायमूर्ति पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने याचिकाकर्ता निवासियों को 15 दिनों के भीतर झुग्गी बस्तियों को खाली करने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि उन्हें पहली बार अक्टूबर 2025 में भूमि और विकास कार्यालय (एल एंड डीओ) द्वारा बेदखली नोटिस जारी किए गए थे, और तब से पर्याप्त समय बीत चुका है।

केंद्र सरकार ने दावा किया कि झुग्गी-झोपड़ी के समूह एक संरक्षित क्षेत्र में थे, जो एक कार्यरत वायुसेना स्टेशन के ठीक बगल में स्थित थे और क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण को हटाने का निर्णय रक्षा अवसंरचना को मजबूत और सुरक्षित करने तथा अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक और सुरक्षा उद्देश्यों के लिए लिया गया था।

उसने कहा कि आसपास के क्षेत्र में किसी वैकल्पिक आवास की कमी के कारण वर्तमान मामले में यथास्थान पुनर्वास संभव नहीं था और इसलिए तीनों झुग्गी बस्तियों में रहने वाले 717 निवासियों को सावदा घेवरा में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि समकालीन भू-राजनीतिक घटनाएं और राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताएं याचिकाकर्ताओं को बेदखल करने के “विशिष्ट कारण” थे, और उसे इस तरह के कार्यकारी नीतिगत निर्णयों में हस्तक्षेप करने के लिए “बहुत उत्सुक नहीं होना चाहिए”।

भाषा प्रशांत माधव

माधव


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