तमिलनाडु में सीट चयन में पारदर्शिता नहीं, कांग्रेस के हितों से समझौता हुआ : सांसद जोतिमणि

तमिलनाडु में सीट चयन में पारदर्शिता नहीं, कांग्रेस के हितों से समझौता हुआ : सांसद जोतिमणि

तमिलनाडु में सीट चयन में पारदर्शिता नहीं, कांग्रेस के हितों से समझौता हुआ : सांसद जोतिमणि
Modified Date: March 28, 2026 / 06:50 pm IST
Published Date: March 28, 2026 6:50 pm IST

चेन्नई, 28 मार्च (भाषा) तमिलनाडु के करूर से कांग्रेस की लोकसभा सदस्य एस. जोतिमणि ने राज्य विधानसभा चुनाव से करीब एक महीने पहले द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नीत गठबंधन में सीटों के चयन की प्रकिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं और दावा किया कि इसमें कांग्रेस के हितों से ‘‘पूरी तरह समझौता’’ किया गया है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के खिलाफ अक्सर मुखर रहने वाली जोतिमणि ने 27 मार्च को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कांग्रेस के हिस्से में आई सीटों को लेकर मोर्चा खोल दिया।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘पार्टी की सीट चयन प्रक्रिया में कोई पारदर्शिता नहीं है। सीट का चयन विस्तृत चर्चा और पारदर्शिता के साथ होना चाहिए लेकिन हमारी इस राय को प्रभारियों ने खारिज कर दिया।’’

तमिलनाडु में द्रमुक नीत गठबंधन में कांग्रेस को 28 सीट आवंटित की गई हैं।

कांग्रेस सांसद का यह बयान ऐसे समय आया है जब द्रमुक और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) समेत राज्य के प्रमुख राजनीतिक दल चुनावी मुकाबले के लिए अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप दे रहे हैं।

वहीं, अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) भी पहली बार तमिलनाडु के चुनावी समर में पूरी ताकत झोंके हुए है।

ऐसा कोई पहली बार नहीं है जब जोतिमणि ने अपनी पार्टी के लोगों के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोला है। इससे पहले उन्होंने बीते दो जनवरी को आरोप लगाया था कि तमिलनाडु में उनकी पार्टी की इकाई कुछ नेताओं के स्वार्थ के कारण धीरे-धीरे विनाश के रास्ते पर अग्रसर हो रही है।

उन्होंने यह भी कहा था कि आंतरिक कलह से पार्टी को भारी परेशानी हो रही है।

जोतिमणि ने अपने ताजा बयान में राज्य नेतृत्व पर सीट बंटवारे और चयन प्रक्रिया को ‘‘अत्यंत गोपनीय तरीके’’ से अंतिम रूप देने का आरोप लगाया और कहा कि विस्तृत चर्चा तथा खुले दृष्टिकोण की मांगों को नजरअंदाज किया गया।

उन्होंने राज्य से जुड़े कांग्रेस के प्रभारियों को भी निशाने पर लिया है और कहा कि एक सांसद होने के बावजूद उनकी राय को नजरअंदाज कर दिया गया।

कांग्रेस के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडानकर, प्रदेश अध्यक्ष के. सेल्वापेरुन्थागई, छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव स्क्रीनिंग कमेटी के प्रमुख और मुकुल वासनिक, उत्तम कुमार रेड्डी व काजी मोहम्मद निजामुद्दीन विधानसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक हैं।

जोतिमणि ने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ हो रहे व्यवहार पर भी असंतोष जाहिर करते हुए कहा, ‘‘यह देखना पीड़ादायक है कि वफादार कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की वर्षों की मेहनत को उन लोगों द्वारा ‘बेचा’ जा रहा है, जिन्होंने तमिलनाडु में पार्टी के विकास में रत्ती भर भी योगदान नहीं दिया है।”

आगामी उम्मीदवार चयन को लेकर चेतावनी भरे लहजे में जोतिमणि ने कहा कि यदि यह “सौदेबाजी या खरीद-फरोख्त का रूख” जारी रहा तो “तमिलनाडु में कांग्रेस पार्टी को कोई नहीं बचा सकता।”

सांसद ने संकेत दिया कि वह इस मुद्दे पर चुप नहीं रहेंगी और निर्वाचन क्षेत्रों व उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी होने के बाद विस्तृत बयान देंगी।

तमिलनाडु विधानसभा की 234 सीटों के लिए मतदान 23 अप्रैल को होगा और मतगणना चार मई को होगी।

इसी बीच, ‘पीटीआई वीडियो’ से बात करते हुए कांग्रेस नेता के.वी. थंगाबालू ने कहा, ‘‘पार्टी के जिन नेताओं को शिकायत है, वे उचित मंचों पर अपनी बात रख सकते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है, और इसके पास शिकायतों के समाधान के कई रास्ते हैं। मैं कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे अपनी शिकायतें लेकर आलाकमान के पास जाएं। यही एकमात्र तरीका है जिससे हम इन मुद्दों का समाधान कर सकते हैं।’’

भाषा हक शफीक

शफीक


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