श्रमिकों के प्रदर्शन के बाद नोएडा पुलिस ने डीसीपी (उद्योग) पद सृजित किया

श्रमिकों के प्रदर्शन के बाद नोएडा पुलिस ने डीसीपी (उद्योग) पद सृजित किया

श्रमिकों के प्रदर्शन के बाद नोएडा पुलिस ने डीसीपी (उद्योग) पद सृजित किया
Modified Date: April 28, 2026 / 11:10 am IST
Published Date: April 28, 2026 11:10 am IST

नोएडा, 28 अप्रैल (भाषा) गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने श्रमिकों के हालिया विरोध प्रदर्शनों के बाद श्रमिकों एवं औद्योगिक इकाइयों की शिकायतें सुनने के लिए अस्थायी तौर पर पुलिस उपायुक्त (उद्योग) का पद सृजित किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

जिला पुलिस ने सोमवार को जारी बयान में बताया कि इस नए पद को एक सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी-उद्योग), तीन निरीक्षकों और विभिन्न रैंक के 25 अन्य कर्मियों का सहयोग मिलेगा।

डीसीपी (उद्योग) का आधिकारिक नंबर भी जारी किया गया है।

बयान में कहा गया कि यह फैसला जिले में पुलिस, औद्योगिक इकाइयों और श्रमिकों के बीच समन्वय मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है।

इस पद से संबंधित विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) और एक डीसीपी को सौंपी गई है, जो तीन दिन के भीतर इसे लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और राज्य गृह विभाग को सौंपेंगे।

बयान में कहा गया कि इसके साथ ही एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी तैयार की जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट के तीन जोन में करीब 15,000 पंजीकृत औद्योगिक इकाइयां आती हैं, जिनमें लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों के साथ-साथ बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि इन प्रतिष्ठानों के तहत कुल दो लाख से अधिक कंपनियां आती हैं, जिनमें करीब चार लाख कर्मचारी काम करते हैं। यह औद्योगिक क्षेत्र, जिले की अर्थव्यवस्था का अहम आधार है।

बयान में कहा गया कि यह पहल जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर औद्योगिक हितधारकों के साथ निरंतर संवाद सुनिश्चित करने और सरकारी विभागों, श्रम संघों तथा मजदूर समूहों के साथ समन्वय बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया कदम है।

नोएडा में कारखानों में काम करने वाले हजारों श्रमिकों ने वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर इस महीने की शुरुआत में काम बंद कर दिया था। यह प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गया और आगजनी, तोड़फोड़ तथा पथराव की घटनाएं हुईं।

पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था।

बाद में अधिकारियों ने दावा किया कि पाकिस्तान से संचालित दो सोशल मीडिया खातों के जरिए इस मुद्दे पर भ्रामक सूचनाएं फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई।

भाषा सं खारी सिम्मी

सिम्मी


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