अधिकारी की आत्महत्या: विपक्षी दलों ने आप सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया

अधिकारी की आत्महत्या: विपक्षी दलों ने आप सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया

अधिकारी की आत्महत्या: विपक्षी दलों ने आप सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया
Modified Date: March 22, 2026 / 07:08 pm IST
Published Date: March 22, 2026 7:08 pm IST

चंडीगढ़, 22 मार्च (भाषा) पंजाब पुलिस ने रंधावा आत्महत्या मामले में संयुक्त प्रदर्शन के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास का ‘घेराव’ करने के लिए जा रहे विपक्षी नेताओं को रविवार को यहां तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया।

विपक्षी नेता एक अभूतपूर्व कदम के तहत एकजुट होकर पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है, जिन पर राज्य वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के एक अधिकारी को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।

अमृतसर में पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा ने शनिवार तड़के जहर खाकर आत्महत्या कर ली। इस बीच एक वीडियो सामने आया जिसमें उन्होंने कथित तौर पर भुल्लर द्वारा उत्पीड़न का दावा किया। विवाद के बीच मान के निर्देश पर भुल्लर ने उसी दिन मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

रंधावा के परिवार ने अमृतसर में संवाददाताओं से कहा कि जब तक भुल्लर को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं देंगे।

पुलिस ने शनिवार रात भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और निजी सहायक दिलबाग सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 351 (3) (आपराधिक धमकी) और 3 (5) (समान मंशा) के तहत मामला दर्ज किया।

शिरोमणि अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा ने घोषणा की थी कि वे भुल्लर की गिरफ्तारी की अपनी मांग को लेकर मुख्यमंत्री मान के आवास का संयुक्त रूप से घेराव करेंगी।

पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, साथ ही शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और दलजीत सिंह चीमा भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। पुलिस ने इन नेताओं को हिरासत में ले लिया, हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।

पंजाब में प्रमुख विपक्षी दलों द्वारा संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन आयोजित करना एक दुर्लभ घटना है।

विधायकों के ‘हॉस्टल’ पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने से रोका जा सके। चंडीगढ़ पुलिस द्वारा अवरोधक भी लगाए गए थे। प्रदर्शनकारियों द्वारा अवरोधक को पार करने का प्रयास करने पर पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार की।

विपक्षी दल भुल्लर की गिरफ्तारी और आत्महत्या के कारणों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जाखड़ ने कहा कि वे रंधावा के परिवार के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। जाखड़ ने कहा कि भुल्लर की गिरफ्तारी तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

अकाली नेता मजीठिया ने कहा कि रंधावा ने कथित उत्पीड़न का मुद्दा उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया था, लेकिन इसके बावजूद आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगर राज्य सरकार ने इस मामले में समय पर कार्रवाई की होती, तो रंधावा की जान नहीं जाती।’’

अकाली नेता ने कहा कि ‘‘ निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए भुल्लर को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।’’

इस अवसर पर रंधावा के बड़े भाई, वरिंदरपाल सिंह रंधावा, चंडीगढ़ में मजीठिया के साथ हैं।

वरिंदरपाल ने कहा कि उनके भाई को भुल्लर द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और इसी वजह से उन्हें आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘हम न्याय चाहते हैं।’’

वरिंदरपाल ने कहा, ‘‘जब तक भुल्लर को गिरफ्तार नहीं किया जाता, हम न तो पोस्टमार्टम की अनुमति देंगे और न ही अंतिम संस्कार की।’’

विपक्ष के नेता बाजवा ने भी भुल्लर को तुरंत गिरफ्तार न करने के लिए आम आदमी पार्टी नीत सरकार की निंदा की। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और रंधावा के परिवार के साथ एकजुटता प्रदर्शित की।

उन्होंने कहा, ‘‘न्याय और जवाबदेही की इस लड़ाई में हम एकजुट हैं। कांग्रेस इस संघर्ष को अटूट संकल्प के साथ तब तक जारी रखेगी जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता।’’

पंजाब कांग्रेस प्रमुख वडिंग ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन हर उस ईमानदार कर्मचारी के लिए किया गया, जो ‘भ्रष्ट’ व्यवस्था के दबाव के आगे झुकने के बजाय सच्चाई के साथ मजबूती से खड़ा रहा।

वडिंग ने कहा, ‘‘यह लड़ाई सच्चाई, न्याय और अधिकारों के लिए है और हम इस संघर्ष में परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। जब तक न्याय नहीं मिल जाता, यह लड़ाई जारी रहेगी।’’

भुल्लर द्वारा राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के कुछ घंटों बाद, शनिवार रात को अमृतसर के रणजीत एवेन्यू पुलिस थाना में रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर की शिकायत पर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

इससे पहले, सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया जिसमें तरन तारन के पट्टी क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार संभालने वाले रंधावा को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया कि उन्होंने सलफास की गोली खा ली है और परिवहन मंत्री पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। आरोप है कि 13 मार्च को रंधावा को भुल्लर के घर बुलाया गया था, जहां उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया।

हालांकि, पट्टी से विधायक भुल्लर ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया।

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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