उमर अब्दुल्ला ने पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा को होने वाले संभावित फायदे के दावों पर सवाल उठाए

उमर अब्दुल्ला ने पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा को होने वाले संभावित फायदे के दावों पर सवाल उठाए

उमर अब्दुल्ला ने पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा को होने वाले संभावित फायदे के दावों पर सवाल उठाए
Modified Date: April 25, 2026 / 09:04 pm IST
Published Date: April 25, 2026 9:04 pm IST

बेंगलुरु, 25 अप्रैल (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को होने वाले फायदे के दावों पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची में हेराफेरी का आरोप लगाया और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चिंता जताई।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं।

पहला चरण 23 अप्रैल को समाप्त हो गया जबकि दूसरे चरण के तहत मतदान 29 अप्रैल को होगा।

पहले चरण में 92 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ।

अब्दुल्ला ने यहां पत्रकारों से कहा कि मतदान प्रतिशत पर ध्यान देना भ्रामक है और यह मतदाता भागीदारी की जमीनी हकीकत को नहीं दर्शाता।

उन्होंने दावा किया, “भाजपा को लाभ मिलने की बात कहने वाले या तो उनकी पार्टी द्वारा भेजे गए प्रेस नोटों का हवाला दे रहे हैं या उन्होंने आंकड़ों का गहराई से अध्ययन नहीं किया है। ”

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले चुनाव की तुलना में पश्चिम बंगाल में मतदाताओं की कुल संख्या में कमी आई है, जबकि मतदान प्रतिशत अधिक प्रतीत होता है।

उन्होंने कहा, “प्रतिशत इसलिए बढ़ा क्योंकि आपने (निर्वाचन आयोग) मतदाताओं की संख्या कम कर दी है। मतदाता सूची के एसआईआर के कारण इतने सारे मतदाताओं के नाम हटा दिये गये हैं। पिछले चुनाव की तुलना में इस बार मतदाताओं की कुल संख्या कम हो गई है जबकि प्रतिशत बढ़ गया है।”

नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के नेता अब्दुल्ला ने मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा, “ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र में 25 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटा दिये गये। पश्चिम बंगाल में 70 ऐसी सीट हैं जहां सूची से हटाए गए मतदाताओं की संख्या पिछले चुनाव में भाजपा की हार के अंतर से भी अधिक है। इसका मतलब है कि 70 सीट पर तो हार का अंतर ही खत्म हो गया। अगर यह हथियार नहीं है, तो फिर क्या है?”

तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मुकाबला पश्चिम बंगाल की उनकी पारंपरिक सीट भवानीपुर में भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से है।

अब्दुल्ला ने कहा कि चुनावी निष्पक्षता को लेकर चिंताएं सिर्फ मतदान मशीनों तक ही सीमित नहीं हैं।

उन्होंने कहा, “हमें मशीनों में छेड़छाड़ की उतनी चिंता नहीं है। मुझे मशीनों से कम और चुनाव पूर्व प्रबंधन में उनके द्वारा की जाने वाली गतिविधियों परिसीमन और मतदाता सूचियों में हेरफेर को लेकर अधिक चिंता है।”

मुख्यमंत्री ने अदालतों द्वारा चुनाव समाप्त होने तक इस मुद्दे की सुनवाई स्थगित किये जाने पर निराशा व्यक्त की।

भाषा जितेंद्र प्रशांत

प्रशांत


लेखक के बारे में