सीईसी के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को लेकर विपक्षी दल मिलकर निर्णय लेंगे: कांग्रेस
सीईसी के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को लेकर विपक्षी दल मिलकर निर्णय लेंगे: कांग्रेस
नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने के संदर्भ में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने उससे संपर्क किया है और इस बारे में विपक्षी दल सामूहिक रूप से कोई फैसला करेंगे।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग का आह्वान किया था और इस मुद्दे पर अन्य विपक्षी दलों से समर्थन मांगा था।
बनर्जी अपने राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ अभियान के तहत राष्ट्रीय राजधानी में हैं।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी ममता बनर्जी का समर्थन किया। हालांकि, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
इस बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने बुधवार को संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘टीएमसी ने इस बारे में संपर्क किया है। मुझे लगता है कि पूरा विपक्ष इस पर फैसला करेगा। यह सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक है, जिसे टीएमसी ने उठाया है। हम इस पर सकारात्मक रूप से विचार कर रहे हैं।’’
ममता बनर्जी द्वारा एसआईआर के विषय पर उच्चतम न्यायालय में दलीलें पेश किए जाने का हवाला देते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “भाजपा के काले कारनामों के खिलाफ ममता बनर्जी ने काला कोट पहन लिया है।”
उन्होंने यह भी कहा, “लोगों को आगे आना चाहिए। आपका वोट छिनना आपके अधिकार का छिनना है। एक-एक करके सब कुछ खत्म कर दिया जाएगा… आपकी नागरिकता पर सवाल उठाए जाएंगे। हम ममता बनर्जी के साथ हैं।”
बनर्जी के बयान के बारे में पूछे जाने पर राहुल गांधी ने कहा, “मैं इस पर टिप्पणी नहीं करूंगा।”
शिवसेना (उबाठा) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि निर्वाचन आयोग को पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए।
उनका कहना था, ‘‘जिस तरह भाजपा एसआईआर का दुरुपयोग कर रही है और निर्वाचन आयोग का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाकर उनके अधिकारों का हनन कर रही है, वह बेहद चिंताजनक है। ममता जी यह लड़ाई इसलिए लड़ रही हैं।’’
भाषा हक हक वैभव
वैभव

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