जुबिन की मौत मामले में कोई साजिश न होने की पुष्टि के बाद विपक्ष ने असम पुलिस की जांच पर सवाल उठाए

जुबिन की मौत मामले में कोई साजिश न होने की पुष्टि के बाद विपक्ष ने असम पुलिस की जांच पर सवाल उठाए

जुबिन की मौत मामले में कोई साजिश न होने की पुष्टि के बाद विपक्ष ने असम पुलिस की जांच पर सवाल उठाए
Modified Date: March 25, 2026 / 09:13 pm IST
Published Date: March 25, 2026 9:13 pm IST

गुवाहाटी, 25 मार्च (भाषा) सिंगापुर के तटरक्षक पुलिस बल की रिपोर्ट के बाद विपक्षी दलों ने बुधवार को असम पुलिस पर सवाल उठाए, जिसने गायक जुबिन गर्ग की मौत के मामले में कई आरोपियों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया है।

सिंगापुर के तटरक्षक पुलिस बल ने अपनी रिपोर्ट में गायक की मौत में किसी भी तरह की साजिश की आंशका से इनकार किया था और अब इस दावे को वहां के एक प्रमुख जांच अधिकारी ने भी बरकरार रखा है।

सिंगापुर के एक जांच अधिकारी ने बुधवार को भारतीय गायक जुबिन गर्ग की मौत को ‘दुर्घटनावश डूबने से हुई मौत’ करार दिया। गर्ग की सितंबर 2025 में सिंगापुर के एक द्वीप के पास डूबने से मृत्यु हो गई थी।

उन्होंने कहा कि जुबिन गर्ग की मौत ‘‘दुर्घटनावश डूबने’’ के कारण हुई थी और किसी ने भी उन्हें पानी में जाने के लिए मजबूर नहीं किया था और न ही धक्का दिया था।

इस घटनाक्रम के बाद, चुनाव वाले राज्य असम में विपक्षी दलों ने कहा कि पिछले साल 19 सितंबर को गर्ग की मौत के पीछे का ‘‘रहस्य’’ अनसुलझा ही रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि भारत और सिंगापुर की जांच एजेंसियां ​​एक ही मामले में अलग-अलग निष्कर्षों पर पहुंची हैं।

जांच अधिकारी एडम नाखोदा ने गर्ग की पत्नी द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि पीसीजी ने मामले में व्यापक और सावधानीपूर्वक जांच की थी।

नाखोदा ने बताया कि जांच के अनुसार, 52 वर्षीय गर्ग शराब के नशे में थे। इसी वजह से संभवत: उन्होंने पहले तैराकी के दौरान ‘लाइफ जैकेट’ उतार दिया और दूसरी बार तैराकी के समय भी इसे पहनने से इनकार कर दिया था।

सिंगापुर के जांच अधिकारी के बयान के बाद गर्ग के रिश्तेदार मनोज कुमार बोरठाकुर ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इस चुनावी मौसम में कई लोग जुबिन के नाम का इस्तेमाल मतदाताओं को एक खास दिशा में मोड़ने के लिए कर रहे हैं। मैं उनसे ऐसा न करने का आग्रह करता हूं। क्योंकि, गायक के जीवनकाल में इन्हीं लोगों ने जुबिन की उपेक्षा की थी।’’

असम में विधानसभा चुनाव नौ अप्रैल को होंगे।

सिंगापुर के जांच अधिकारी के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन ने कहा, ‘‘लोग सच्चाई जानना चाहते हैं। मुख्यमंत्री को अब यह बताना होगा कि हत्यारों को सजा मिली है या नहीं।’’

असम जातीय परिषद के नेता चित्तरंजन बसुमतारी ने कहा कि ‘‘गर्ग की मौत का रहस्य अनसुलझा रहना दुर्भाग्यपूर्ण है।’’

उन्होंने सवाल उठाया कि दो देशों की जांच प्रणाली एक ही मामले में अलग-अलग नतीजे कैसे दे सकती है।

बसुमतारी ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की थी कि वे उन्हें तभी वोट दें जब वे जुबिन को न्याय दिला सकें। देखते हैं कि इतने विलंब के बाद अब वह यह (न्याय) कैसे सुनिश्चित कर पाते हैं।’’

भाषा शफीक रंजन

रंजन


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