पीएसी ने अपनी रिपोर्ट में ओसीआई योजना में कई मिशन की विफलता का उल्लेख किया
पीएसी ने अपनी रिपोर्ट में ओसीआई योजना में कई मिशन की विफलता का उल्लेख किया
नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) संसद लोक लेखा समिति समिति (पीएसी) ने भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों(ओसीआई) से संबंधित योजना में वीजा शुल्क की गणना के लिए विदेश मंत्रालय द्वारा निर्धारित स्थानीय मुद्राओं को लेकर ‘‘विनिमय की संशोधित दर’’ का विस्तार करने में विदेश में कई भारतीय मिशन की ‘विफलता’ पर चिंता जताई है।
समिति का कहना है कि इसके कारण 2017-2020 के दौरान राजस्व में 58.23 करोड़ रुपये की कमी हुई।
पीएसी की रिपोर्ट बुधवार को लोकसभा में पेश की गई।
समिति के अनुसार, ऐसी प्रक्रियागत खामियों के लिए जवाबदेही तय की जाए जिसके परिणामस्वरूप सरकारी खजाने को वित्तीय नुकसान होता है ताकि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति से बचा जा सके।
समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि कैग की रिपोर्ट में ओसीआई योजना में वीजा शुल्क की गणना के लिए विदेश मंत्रालय द्वारा निर्धारित ‘स्थानीय मुद्राओं के लिए विनिमय की संशोधित दर का विस्तार करने में विभिन्न मिशन की ‘‘विफलता’ और इसके निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने में मंत्रालय द्वारा निगरानी की कमी को उजागर किया गया है।
पीएसी का कहना है, ‘‘इसके कारण ओसीआई कार्ड जारी करने में कई मिशन द्वारा कम शुल्क लिया गया, जिससे 58.23 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।’’
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल की अध्यक्षता वाली लोक लेखा समिति का कहना है कि उसने जांच के लिए इस विषय का चयन किया और 12 दिसंबर, 2024 को इस पर विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधियों से मौखिक साक्ष्य लिया।
मौखिक साक्ष्य और लिखित उत्तरों के आधार पर समिति ने 2025-26 के दौरान इस विषय की विस्तार से पड़ताल की।
भाषा हक हक माधव
माधव

Facebook


